'जन नायकन' विवाद: थलपति विजय को बड़ा झटका! हाईकोर्ट में एकल पीठ का आदेश किया रद्द, रिलीज पर सस्पेंस बरकरार
नई दिल्ली। मद्रास हाईकोर्ट की खंडपीठ ने आज थलपति विजय की फिल्म 'जन नायकन'के सेंसर विवाद पर अपना फैसला सुनाया है। अदालत ने सिंगल जज (एकल पीठ) के उस पिछले आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें फिल्म को तुरंत 'U/A' सर्टिफिकेट देने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद फिल्म की रिलीज डेट पर अभी सस्पेंस बरकरार है।
सिंगल जज के पास वापसी
चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने इस मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए फिर से सिंगल जज के पास भेज दिया है। कोर्ट ने माना कि पिछला फैसला देते समय CBFC (सेंसर बोर्ड) को अपना जवाब दाखिल करने का पर्याप्त समय नहीं दिया गया था, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ था। अब सिंगल जज इस मामले पर दोबारा सुनवाई करेंगे और CBFC को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। तब तक फिल्म की रिलीज पर सस्पेंस बरकरार है।
मामला क्या है?
यह फिल्म थलपति विजय की राजनीति में आने से पहले आखिरी फिल्म बताई जा रही है। सेंसर बोर्ड ने फिल्म को 'रिवाइजिंग कमेटी' के पास भेजने का निर्णय लिया था। जिसे निर्माताओं ने चुनौती दी थी। फिल्म के बजट को लेकर निर्माताओं ने लगभग 500 करोड़ रुपये का हवाला दिया था, लेकिन कोर्ट ने कहा कि केवल बजट के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती।