लैंड फॉर जॉब केस: लालू-राबड़ी को कोर्ट से मिली राहत! आरोपों को मानने से किया इनकार, व्यक्तिगत पेशी से मिली छूट...
पटना। लैंड फॉर जॉब (जमीन के बदले नौकरी) मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आज लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को बड़ी राहत दी है। दरअसल उन्होंने लगे आरोपों को स्वीकार करने से इनकार किया और मुकदमे का सामना करने की बात कही। स्वास्थ्य कारणों से कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी है।
पेशी से मिली छूट
कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और उनके बेटों तेजस्वी और तेज प्रताप यादव को स्वास्थ्य और उम्र के कारणों के आधार पर नियमित व्यक्तिगत पेशी से स्थायी छूट दे दी है। वे अब भविष्य की सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हो सकेंगे।
आरोप तय
राहत के साथ ही कोर्ट ने आज लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के खिलाफ भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के तहत औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं। लालू और राबड़ी ने कोर्ट में इन आरोपों से इनकार किया और मुकदमे का सामना करने की बात कही। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस मामले का ट्रायल 9 मार्च 2026 से शुरू होगा और इसकी सुनवाई प्रतिदिन के आधार पर की जाएगी।
क्या था पूरा मामला?
लैंड फॉर जॉब का यह पूरा मामला साल 2004 से 2009 के बीच का है, उस समय देश के रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव हुआ करते थे। इस मामले में सीबीआई की तरफ से जो कोर्ट में चार्जशी पेश की गई है उसमें आरोप है कि रेलवे में ग्रुप‑D नौकरियां देने के बदले उम्मीदवारों के परिवारों ने जमीन के छोटे‑छोटे प्लॉट लालू परिवार या उनसे जुड़े लोगों के नाम ट्रांसफर किए हैं। इसके साथ ही यह जमीन किसी एक जगह नहीं बल्कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से ली गई, जिसे लालू परिवार के सदस्यों के नाम किया गया।