महाकुंभ-माघ मेला के दौरान नाबालिग बच्चों का हुआ यौन शोषण! शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ FIR, जानें पूरा मामला
नई दिल्ली। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को प्रयागराज की एक अदालत से बड़ा झटका लगा है। 21 फरवरी को विशेष पॉक्सो (POCSO) कोर्ट ने उनके और उनके शिष्य के खिलाफ यौन शोषण के मामले में FIR दर्ज करने का आदेश दिया है।
FIR का आदेश
बता दें कि प्रयागराज के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (रेप एवं पॉक्सो विशेष न्यायालय) विनोद कुमार चौरसिया ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना (जांच) शुरू करने का निर्देश दिया है। यह मुकदमा प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज किया जाएगा। जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि शंकराचार्य के शिविर और गुरुकुल में नाबालिग बच्चों का यौन शोषण किया गया। आरोप है कि यह कुकर्म पिछले एक साल से चल रहा था, जिसमें महाकुंभ 2025 और माघ मेला 2026 की अवधि भी शामिल है।
कोर्ट की कार्यवाही
दरअसल, 13 फरवरी को अदालत ने दो पीड़ित नाबालिग बच्चों के बयान इन-कैमरा (बंद कमरे में) दर्ज किए थे और वीडियोग्राफी भी कराई गई थी। कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर की जांच रिपोर्ट को संज्ञान में लेने के बाद यह फैसला सुनाया।
शंकराचार्य का पक्ष
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने इसे अपने 'गौ रक्षा आंदोलन' को दबाने और उनकी छवि धूमिल करने के लिए बनाया गया एक 'कार्टेल' का हमला करार दिया है।