अब आप नहीं बोल पाएंगे 'खामोश'! शत्रुघ्न सिन्हा के इस डायलॉग पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिया ये ऐतिहासिक फैसला
मुंबई। बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिग्गज अभिनेता और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के पक्ष में एक ऐतिहासिक अंतरिम आदेश जारी किया है। साथ ही कोर्ट ने यह साफ किया कि उनका मशहूर डायलॉग 'खामोश' विशेष रूप से उनके व्यक्तित्व से जुड़ा है और बिना अनुमति के इसका व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जा सकता। हालांकि इस मामले में अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी। तब तक यह अंतरिम रोक प्रभावी रहेगी।
पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा
बता दें कि कोर्ट ने शत्रुघ्न सिन्हा के नाम, आवाज, छवि, अंदाज और उनके सिग्नेचर डायलॉग 'खामोश' को उनके 'व्यक्तित्व अधिकारों' के तहत सुरक्षित माना है। न्यायमूर्ति शर्मिला देशमुख की पीठ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, एआई (AI) संस्थाओं और ई-कॉमर्स वेबसाइटों को शत्रुघ्न सिन्हा की पहचान का अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग करने से तत्काल रोक दिया है।
AI और डीपफेक पर सख्ती
वहीं अदालत ने विशेष रूप से एआई टूल्स, डीपफेक, फेस मॉर्फिंग और जीआईएफ (GIFs) के जरिए उनके प्रदर्शन और व्यक्तित्व के साथ छेड़छाड़ करने पर कड़ा प्रतिबंध लगाया है। हाई कोर्ट ने सभी वेबसाइटों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करने वाली सामग्री को तुरंत हटाने का आदेश दिया है।
20 करोड़ के हर्जाने की मांग की
शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि उनके नाम और 'खामोश' डायलॉग का बड़े पैमाने पर व्यावसायिक शोषण किया जा रहा है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने इसके लिए 20 करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की है।