नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने थामा सपा का दामन, अब इस तरह से बदलेगा समीकरण
जब से भाजपा सरकार आई है तब से मंझा और गांजा बहुत पकड़ा जा रहा है।
लखनऊ। यूपी की राजनीति में फिर से बदलाव हुआ हैं। राजधानी में अखिलेश यादव की मौजूदगी में नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सपा का दामन थाम लिया। इस मौके पर तीन महिला नेत्रियों समेत सात नेता शामिल हुए। पूर्व में नसीमुद्दीन सिद्दीकी बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। उनका राजनीतिक अनुभव और पकड़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत मानी जाती है। कांग्रेस छोड़ने के बाद प्रदेश या केंद्रीय नेतृत्व ने उनके जाने पर किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं की थी।
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से मेरे पुराने रिश्ते
समाजवादी पार्टी में शामिल होने पर पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से मेरे पुराने रिश्ते हैं। मैं उनकी बहुत इज्जत करता हूं। हमें उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर पार्टी को मजबूत करना है। पार्टी मजबूत होगी तो हम मजबूत होंगे। हम मजबूत होंगे तो प्रदेश मजबूत होगा। हम उनके बताए रास्ते पर चलेंगे। मेरे शामिल होने से पहले पार्टी में और भी कई सीनियर नेता हैं। प्रदेश मजबूत होगा तो समाज मजबूत होगा। इस मौके पर नसीमुद्दीन ने सपा की बड़ाई में जमकर कसीदे पढ़े। कहा कि देश में पहली बार बेरोजगारी भत्ता अखिलेश यादव ने दिया। पहली बार छात्रों को लैपटॉप इन्होंने दिया। युवाओं को नौकरी सपा ने दी। आज एक नौकरी लेना बड़ा मुश्किल है। बीच-बीच में शेरो-शायरी पढ़कर माहौल बनाया। अंत में जय समाजवाद कहकर उन्होंने अपनी बात पूरी की।
अखिलेश यादव ने तंज कसा
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने तंज कसा कि हमारे मुख्यमंत्री विष्ट जी खिलाड़ी तो हैं, लेकिन खेल नहीं पा रहे हैं। जब से भाजपा सरकार आई है तब से मंझा और गांजा बहुत पकड़ा जा रहा है। एक जगह जनसुनवाई में सांड घुस गया। उन्होंने आगे कहा कि कुछ दिन पहले हमने 300 करोड़ से ज्यादा के राफेल खरीदे। बताओ मेक इन इंडिया का क्या हुआ? बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट का घोटाला किया जा रहा है, इसीलिए पंचायत चुनाव में देरी हो रही है। जो लोग अंगूठा लगाते हैं, बीजेपी ने फार्म-7 में उसके दस्तखत करा दिए। सपा मुखिया ने एक बार फिर जातीय जनगणना कराने पर जोर दिया।