अब आप नया घर बनाना, AC खरीदना या किचन का सामान बदलने की सोच रहे हैं तो आपकी जेब पर पड़ेगी महंगाई की मार, जानें वजह
नई दिल्ली। अगर आप इस गर्मियों में नया AC, किचन का सामान बदलने की सोच रहे हैं या फिर आप बाथरूम फिटिंग करने का प्लान कर रहे हैं तो ये आपके काम की खबर साबित हो सकती है। दरअसल, आने वाले समय में कुछ जरूरी चीजों के दाम बढ़ने वाले हैं। जिससे आपकी जेब पर सीधा असर पड़ने वाला है। वहीं इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है अंतरराष्ट्रीय बाजार में धातुओं की कीमतों में आई तेज उछाल।
तीन वर्षों का उच्चतम स्तर पर
बता दें कि कॉपर, एल्युमिनियम और निकेल जैसी धातुएं, जो इन प्रोडक्ट्स के निर्माण में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती हैं, अब रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुकी हैं। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में एल्युमिनियम की कीमत 3,000 डॉलर प्रति टन से ऊपर चली गई है, जो पिछले तीन वर्षों का उच्चतम स्तर है। वहीं कॉपर का दाम 12,000 डॉलर प्रति टन के पार पहुंच चुका है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। इस तेजी का सीधा असर उन कंपनियों पर पड़ रहा है, जो AC, किचन अप्लायंसेज, बाथ फिटिंग और कुकवेयर जैसे उत्पाद बनाती हैं।
एल्युमिनियम की कीमतों में तेजी के पीछे है ये वजहें
बता दें कि इंडोनेशिया, चिली और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो जैसे देशों में माइनिंग दुर्घटनाएं हुई हैं। इसके अलावा चिली की एक बड़ी खदान में मजदूरों की हड़ताल के कारण भी उत्पादन प्रभावित हुआ है। ट्रेड से जुड़ी अनिश्चितताओं के चलते अमेरिका को कॉपर शिपमेंट में तेजी आई, जिससे बाकी बाजारों में सप्लाई और तंग हो गई। हालांकि एल्युमिनियम की कीमतों में तेजी के पीछे भी कई वैश्विक वजहें हैं। चीन में स्मेल्टिंग क्षमता पर लगी रोक और यूरोप में बढ़ती बिजली लागत के कारण उत्पादन में कमी आई है। वहीं दूसरी ओर, कंस्ट्रक्शन, रिन्यूएबल एनर्जी और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से एल्युमिनियम की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। सीमित सप्लाई और बढ़ती मांग ने कीमतों को और ऊपर धकेल दिया है। कॉपर की कीमतों में आई भारी तेजी का एक बड़ा कारण बार-बार सप्लाई में आने वाली रुकावटें भी हैं।
बाथवेयर सेक्टर पर भी बढ़ रहा है दबाव
भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी कॉपर की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। हाल ही में कॉपर का भाव 1,300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कई मैन्युफैक्चरर्स आने वाले महीनों में 5 से 8 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ा सकते हैं। इसका असर सीधे आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। बाथवेयर सेक्टर पर भी दबाव बढ़ रहा है। बाथ फिटिंग्स में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाली धातु पीतल (ब्रास), जो कॉपर पर आधारित होती है, उसकी कीमतों में वित्त वर्ष की शुरुआत से दोहरे अंकों में बढ़ोतरी हो चुकी है। इसका मतलब साफ है कि नल, शॉवर, मिक्सर और अन्य बाथरूम फिटिंग्स भी जल्द महंगी हो सकती हैं।