शत्रुओं पर पानी हो विजय तो मां बगलामुखी के इस रूप का करें दर्शन, जानें कहां है स्थित
नलखेड़ा में माता का प्रसिद्ध मंदिर
यह मां बगलामुखी का शक्तिपीठ है, जो नलखेड़ा, आगर-मालवा (मध्य प्रदेश) में लखुंदर नदी के तट पर स्थित है। यह मंदिर मां बगलामुखी को समर्पित है, जो हिन्दू धर्म में तंत्र साधना और शत्रु पर विजय के लिए पूजी जाती हैं। यह मंदिर नवरात्रि सहित पूरे वर्ष श्रद्धालुओं द्वारा पूजा-अर्चना, हवन-पूजन और विशेष आरती के लिए पूज्य स्थल माना जाता है।
मंदिर का महत्व
मां बगलामुखी मंदिर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक माना जाता है और विशेष रूप से मां बगलामुखी की पूजा, यज्ञ-हवन और आस्था के लिए श्रद्धालु यहां आते हैं। यह मंदिर अपनी त्रिशक्ति मूर्ति (बगलामुखी, लक्ष्मी, सरस्वती) और तांत्रिक महत्व के लिए जाना जाता है, जहां भक्त विशेषकर हवन और अनुष्ठान के लिए आते हैं। प्राचीन तंत्र ग्रंथों में दस महाविद्याओं का उल्लेख है जिनमें से एक है बगलामुखी।
मुख्य विशेषताएं :
त्रिशक्ति रूप:
यहां माता बगलामुखी, महालक्ष्मी और सरस्वती पिंडी रूप में विराजमान हैं, जो इसे अन्य मंदिरों से अलग बनाता है।
पौराणिक महत्व:
ऐसी मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर यहां बगलामुखी माता की साधना की थी।
सिद्धपीठ:
यह विश्व के तीन प्रमुख बगलामुखी सिद्धपीठों में से एक है, अन्य दो दतिया और नेपाल में हैं।
तांत्रिक साधना: यह मंदिर तंत्र साधना और शत्रु-विजय, संकट-निवारण के लिए प्रसिद्ध है, यहाँ हवन और अनुष्ठान बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
यह मंदिर आध्यात्मिक शक्तियों और शांति के लिए भक्तों के बीच बहुत लोकप्रिय है।