अब कौन संभालेगा 'दादा' की विरासत? जानें कौन-कौन हैं अजित पवार की कुर्सी के दावेदार...

अजित पवार के छोटे बेटे जय पवार अब तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे हैं, लेकिन वे पर्दे के पीछे की रणनीतियों में माहिर माने जाते हैं।

Update: 2026-01-29 06:16 GMT

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति के 'दादा' कहे जाने वाले और बारामती के सबसे बड़े नेता 66 वर्षीय अजित पवार का विमान दुर्घटना में निधन हो गया। पुणे जिले के बारामती में विमान से उतरते वक्त हुए इस हादसे की वजह से उनके परिवार को ही नहीं बल्कि पूरे महाराष्ट्र की सियासत को हिलाकर रख दिया है। अजित पवार महज एक नेता नहीं थे, वो अपनी कार्यशैली और बेवाक अंदाज के लिए जाने थे। लेकिन दुनिया से उनके जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है, कि अब अजित पवार की विरासत कौन संभालेगा? क्या यह जिम्मेदारी उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार के कंधों पर आएगी या उनके दोनों बेटे को दी जाएगी।

पत्नी और बच्चों का सियासी सफर

पत्नी सुनेत्रा पवार एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं एवं राज्यसभा सांसद भी हैं। बता दें कि वो पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल की बहन हैं।

बेटे पार्थ पवार राजनीति में सक्रिय हैं और 2019 में मावल निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं।

वहीं, दूसरे बेटे जय पवार मुख्य रूप से पारिवारिक व्यवसाय संभालते हैं।

भाई-बहन

भाई श्रीनिवास पवार एक व्यवसायी हैं। बहन विजया पाटिल का निधन हो चुका है।

अन्य करीबी रिश्तेदार

चाचा शरद पवार - राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के संस्थापक और वरिष्ठ नेता।

चचेरी बहन-सुप्रिया सुले - शरद पवार की बेटी और सांसद।

भतीजा रोहित पवार (राजेंद्र पवार के बेटे) और युगेंद्र पवार (श्रीनिवास पवार के बेटे)।

पत्नी सुनेत्रा पवार सबसे मजबूत दावेदार

बता दें कि अजित पवार के बाद यदि कोई नाम सबसे पहले आता है, तो वह उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार का है। सुनेत्रा पवार वर्तमान में राज्यसभा सांसद (MP) हैं और बारामती की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रही हैं। वो केवल अजित पवार की पत्नी नहीं हैं, बल्कि 'बारामती टेक्सटाइल पार्क' की चेयरपर्सन और 'एन्वायर्नमेंटल फोरम ऑफ इंडिया' की प्रमुख भी हैं। 2024 के लोकसभा चुनावों में भी उनकी सक्रियता देखी गई थी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने के लिए सुनेत्रा पवार खास चेहरा हो सकती हैं।

बड़े बेटे पार्थ पवार राजनीति में सक्रिय

अजित पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार राजनीति में अपनी जगह बनाने के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। पार्थ ने 2019 में मावल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन वे अजित पवार की राजनीति में सक्रिय रूप से हाथ बंटाते रहे हैं। वो युवा चेहरा हैं, यदि पार्टी के एक धड़े का समर्थन उनको मिलता है तो वो भी खास चेहरा हो सकते हैं।

छोटे बेटे रणनीतियों में माहिर

अजित पवार के छोटे बेटे जय पवार अब तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे हैं, लेकिन वे पर्दे के पीछे की रणनीतियों में माहिर माने जाते हैं। जय पवार अधिकतर पारिवारिक व्यवसाय और बारामती के स्थानीय आयोजनों में दिखते रहे हैं।

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