UGC ACT: पहले भी हो चुका है यूजीसी का विरोध...सुप्रीम कोर्ट में UGC के नए नियमों के खिलाफ आज होगी सुनवाई!

इससे पहले भी कई बार यूजीसी को विरोध का सामना करना पड़ा है। कई बार अपने नियम को पलटना पड़ा तो कई बार सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी नियम को जायज ठहराया है।

Update: 2026-01-29 06:34 GMT

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने नए UGC के सुनवाई के लिए सहमति जताई है। बता दें कि यूजीसी के नए भेदभाव विरोधी नियमों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची की बेंच की ओर से एक वकील की दलीलों पर गौर किया गया। उन्होंने इस मामले पर तत्काल सुनवाई की मांग की है। दरअसल, जाति-आधारित भेदभाव की परिभाषा को गैर-समावेशी रुप में पेश किया गया है। इस कड़ी में पूरे देश में प्रर्दशन जारी है। यह पहली बार नहीं है जब यूजीसी विवाद में फंसा है। इससे पहले भी कई बार यूजीसी को विरोध का सामना करना पड़ा है। कई बार अपने नियम को पलटना पड़ा तो कई बार सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी नियम को जायज ठहराया है।

यूजीसी के नए नियम

यूजीसी के नए नियमों के तहत सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता समितियों (equity committees) का गठन अनिवार्य किया गया है। इन समितियों का काम भेदभाव से जुड़ी शिकायतों की जांच करना और समानता को बढ़ावा देना होगा। नियमों के अनुसार इन समितियों में अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं और दिव्यांगों के प्रतिनिधियों को शामिल करना जरूरी होगा। 

नए नियमों में प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता नहीं

ये नए नियम वर्ष 2012 के पुराने नियमों की जगह लाए गए हैं, जो सलाहात्मक प्रकृति के थे। आलोचकों का कहना है कि नए नियमों में प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता नहीं और इनके दुरुपयोग की आशंका है। यह भी आरोप लगाया गया है कि नया ढांचा ओबीसी समुदायों के सदस्यों को भी संभावित पीड़ितों के रूप में शामिल करता है, लेकिन सामान्य वर्ग के छात्रों को इससे बाहर रखता है।

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