भारत से छोड़े गए बाढ़ के पानी के साथ लाशें, मवेशी और मलबे के ढेर से पाकिस्तान परेशान...पाक के रक्षा मंत्री के इस बयान पर जानें लोगों की फनी कमेंट्स

Update: 2025-08-29 14:00 GMT

नई दिल्ली। पाकिस्तान के इलाके बाढ़ से तबाह हो गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, अब तक 800 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 12 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं जबकि 2.5 लाख लोग विस्थापित हो गए हैं। वहीं पाक के पंजाब, सियालकोट और अन्य इलाकों में विनाशकारी बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगभग 1,432 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। फसलें नष्ट हो चुकी हैं, व्यवसाय ठप हैं और हजारों परिवार राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

700 राहत और 265 चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं

बता दें कि सरकार की ओर से 700 राहत और 265 चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। बाढ़ प्रभावित सियालकोट दौरे के दौरान रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने एक अजीबोगरीब बयान दिया। उनके अनुसार भारत से छोड़े गए बाढ़ के पानी के साथ लाशें, मवेशी और मलबे के ढेर पाकिस्तान में आ गए। उन्होंने कहा कि यह मलबा स्थानीय प्रशासन के राहत कामों में बाधा डाल रहा है। आसिफ ने आगे कहा कि सियालकोट, जम्मू से निकलने वाले जलमार्गों के नीचे स्थित है और जब भी भारत पानी छोड़ता है, वहां नियमित रूप से बाढ़ आती है। पाकिस्तानी सिंचाई विभाग के अनुसार, 38 साल बाद पहली बार रावी, सतलुज और चिनाब नदियां एक साथ उफान पर हैं। इससे बचाव काम और कठिन हो गया है। कई जिलों में सेना और राहतकर्मी चौबीसों घंटे अभियान चला रहे हैं। वहीं आसिफ ने यह भी स्वीकार किया कि भारत ने नदियों में पानी छोड़ने से पहले पाकिस्तान को दो बार सूचित किया था।

भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि पहले से ही स्थगित

बता दें कि ख्वाजा आसिफ का यह बयान पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोगों ने उनकी आलोचना करते हुए कहा कि सरकार अपनी तैयारियों और बुनियादी ढांचे की विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए भारत पर आरोप मढ़ रही है। कई लोगों ने व्यंग्य करते हुए लिखा कि बाढ़ पानी से आती है लाशों से नहीं। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि पहले से ही स्थगित है। संधि के तहत जल संबंधी आंकड़ों का आदान-प्रदान होता था, लेकिन अप्रैल 2025 में पहलगाम हमले के बाद भारत ने इसे रोक दिया। इसके बावजूद, भारत ने जन सुरक्षा को देखते हुए पाकिस्तान को खराब मौसम और संभावित भारी बाढ़ की जानकारी साझा की थी।

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