Pariksha Pe Charcha: पीएम मोदी ने छात्रों को थकान दूर करने के दिए गुरुमंत्र, जानें क्या कहा
नई दिल्ली। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में लगे करोड़ों छात्रों के लिए परीक्षा पे चर्चा 2026 का दूसरा एपिसोड रिलीज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज के एपिसोड में तमिलनाडु के कोयंबटूर रायपुर, गुजरात, गुवाहाटी में छात्रों से की बातचीत की। इस दौरान स्टूडेंट्स ने पीएम से कई सवाल पूछे। वहीं परीक्षा पे चर्चा 2026 के दूसरे एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा कि मेरे लिए ये सीखने का कार्यक्रम होता है, ये सिखाने का कार्यक्रम नहीं है। मुझे सुनना है।
'जरूरी नहीं कि स्टार्टअप के लिए 25 साल की उम्र चाहिए'
बता दें कि परीक्षा पे चर्चा 2026 के दूसरे एपिसोड में एक छात्रा के सवाल का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले आपका ध्यान इसपर होना चाहिए कि आप क्या करना चाहते हैं। जरूरी नहीं कि स्टार्टअप के लिए 25 साल की उम्र चाहिए, आप कभी भी कर सकते हैं। छोटे-छोटे स्टार्टअप से भी काम शुरू हो सकता है। डेवलप देश को लेकर एक सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि "लिक्वान्यू कहते थे कि अगर हमको डेवलप देश बनना है तो अपनी आदतें डेवलेप देश के लोगों की तरह बनानी होंगी।" उन्होंने आगे कहा कि हम सभी देश के नागरिक छोटी-छोटी चीजें करें, हम जरूर विकसित भारत बनाने में अपना दायित्व निभा सकते हैं।
आर्ट करके पढ़ाई के तनाव और थकान को कम कर सकते हैं
हालांकि इस दौरान एक स्टूडेंट ने पूछा कि रेगुलर पढ़ाई के साथ-साथ आर्ट, क्राफ्ट और डिजाइन को कैसे किया जा सकता है और फिर भी एक हेल्दी बैलेंस कैसे बनाए रखा जा सकता है। जवाब में, PM मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि स्टूडेंट्स को "पढ़ाई और आर्ट को अलग-अलग नहीं देखना चाहिए।" उन्होंने आगे समझाया कि अगर किसी को साइंस पढ़ते समय आर्ट में मजा आता है, तो वे दोनों को मिला सकते हैं - उदाहरण के लिए, "अगर आपको आर्ट में दिलचस्पी है और साइंस सब्जेक्ट में कुछ लैब स्टडीज हैं, तो आप यह कर सकते हैं कि कागज पर एक ट्यूब बनाएं, बोतल पर केमिकल्स के नाम लिखें। फिर, आप एक और आर्ट बनाएं यह सोचते हुए कि आपने केमिकल्स मिलाकर यह पढ़ा है, ऐसा होता है। इस तरह, आपने आर्ट का इस्तेमाल किया और साइंस सब्जेक्ट के कॉन्सेप्ट सीखे।" उन्होंने यह भी कहा कि "आप रोजाना आधा घंटा या हफ्ते में दो बार आर्ट करके पढ़ाई के तनाव और थकान को कम कर सकते हैं।"
शिक्षा की जीवन में भी जरूरत है और समाज जीवन में भा जरूरत है
दरअसल, छत्तीसगढ़ के एक छात्र का सवाल देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमें कहीं भी जाना है स्टूडेंट की तरह जाना चाहिए, तब टूरिज्म का मजा है। भारत इतनी विविधताओं से भरा है कि एक जिंदगी भी कम पड़ जाए देखने के लिए। एक छात्रा के सवाल का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि "शिक्षा की जीवन में भी जरूरत है और समाज जीवन में भा जरूरत है। ये गलती कभी मत करना कि खेल में बहुत अच्छा हूं तो मुझे पढ़ने के जरूरत नहीं। लेकिन शिक्षा ही सबकुछ कर लेगी, ऐसा नहीं है। अपने हुनर को डेवलप करना चाहिए। खेलना भी है और पढ़ना भी है।"
'जीवन में अनुशासन बहुत अनिवार्य'
इस दौरान अनुशासन को लेकर किए गए एक सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि जीवन में अनुशासन बहुत अनिवार्य है। इंस्पिरेशन में अनुशासन सोने पे सुहागा का काम करता है। अगर डिसिप्लिन नहीं है तो कितना ही इंस्पिरेशन वो फिर बोझ बन जाता है। वहीं AI को लेकर किए गए सवाल का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमें किसी चीज से डरना नहीं चाहिए। हमारा कोशिश होनी चाहिए कि हम उसके(टेक्नोलॉजी) गुलाम नहीं बनेंगे। हर टेक्नोलॉजी का हम ज्यादा उपयोग कर सकते हैं। हमें टेक्नोलॉजी को समझना होगा। खुद का विस्तार करना होगा और उसमें टेक्नोलॉजी की ताकत को जोड़ना होगा।