सात साल बाद चीन पहुंचे पीएम मोदी, शी जिनपिंग और पुतिन से करेंगे मुलाकात
मोदी यहां चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और कई अन्य नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके बाद वे सोमवार (1 सितंबर 2025) को होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे।;
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (30 अगस्त 2025) को चीन के तियानजिन द्वीप। यह उनका 2018 के बाद का पहला चीन दौरा है। मोदी यहां चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर राष्ट्रपति और कई अन्य नेताओं से बातचीत करेंगे। इसके बाद सोमवार (1 सितंबर 2025) को होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे।
ज़ेलेंस्की की अपील
प्रधानमंत्री मोदी की रविवार (31 अगस्त 2025) को राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात होगी। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड डोनाल्ड की यात्रा के बावजूद भारत-चीन सुधार योजना में सुधार देखने को मिल रहा है। वर्ष अक्टूबर में कज़ान में हुई ब्रिक्स बैठक में दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद यह उनका दूसरा संवाद होगा।
इसी बीच, शनिवार को तियानजिन पहुंचने के तुरंत बाद मोदी को जापान के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की का फोन आया। ज़ेलेंस्की ने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे एससीओ सम्मेलन में रूस और अन्य नेताओं तक शांति का संदेश दें। उन्होंने रूसी वारंट का ज़िक्र करते हुए तात्कालीन युद्धविराम की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
रविवार को मोदी ने म्यांमार के प्रधानमंत्री आंग से भी मुलाकात की और रात को शी जिनपिंग द्वारा भोज में शामिल होंगे।
बहुपक्षवाद और क्षेत्रीय स्थिरता
एससीओ की बैठक ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका ने वैश्विक व्यापार पर असर डालने वाले भारी आयात शुल्क लगाए हैं, जिसमें भारत के सामान पर भी 50% टैरिफ शामिल है। चीन, जो इस बार संगठन का नेतृत्व कर रहा है, ने कहा है कि तियानजिन ने बहुपक्षवाद (बहुपक्षवाद) और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने की घोषणा में नए उपाय शामिल किए होंगे।
सोमवार को होने वाली राष्ट्राध्यक्षों की बैठक और 'एससीओ प्लस' बैठक में शी जिनपिंग का मुख्य भाषण होगा।
आतंकवाद विरोधी भाषा
भारत इस सम्मेलन में उग्रवाद के खिलाफ सख्त रुख और क्षेत्रीय शांति की मांग। जून 2025 में चीन में हुई एससीओ रक्षा मंत्रालय की बैठक में भारत ने चुनौती पर नर्मा भाषा वाले संयुक्त बयान का समर्थन करने से मना कर दिया था। जुलाई 2025 में विदेश मंत्री एस.एस. जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि एससीओ को किसी भी तरह का समझौता नहीं करना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को भारत लौटेंगे, जबकि राष्ट्रपति पद के प्रधानमंत्री और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाजसरफराज सहित अन्य नेता रविवार को होने वाली सैन्य परेड में शामिल होंगे। यह परेड द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी आक्रमण पर चीन की जीत की याद में आयोजित की जाएगी। मोदी इस परेड में शामिल नहीं होंगे।
अत्याधुनिक तकनीक
सम्मेलन के दौरान चीन अपनी तकनीकी प्रगति भी पेश करेगा। तियानजिन पोर्ट को पूरी तरह से स्वचालित कर दिया गया है, जहां कलात्मक वैज्ञानिक आधारित ड्राइवरलेस मशीनरी और जीरो-कार्बन तकनीक लागू की गई है। चीन का दावा है कि यहां आने वाले जहाज भी इसी तकनीक से कार्बन-मुक्त ऑपरेशन करेंगे।
मीडिया सेंटर में भी आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन किया जाता है, जिसमें सवालों के जवाब देने वाले मेहरन रोबोट रोबोट सियाओहे (Xiaohe) और इंटरएक्टिव ब्रॉडकास्टिंग क्षेत्र शामिल हैं।