गुजरात में भूकंप के लगातार 7 झटके महसूस किए गए, तीव्रता 3.8 रही, लोगों में छाया भय का माहौल...
ISR आंकड़े के मुताबिक, बीती रात यानी गुरूवार को भी 8:43 बजे रिक्टर स्केल पर 3.3 तीव्रता का झटका महसूस किया गया, जिसका केंद्र उपलेटा से लगभग 30 किलोमीटर दूर था।;
राजकोट। गुजरात में जेतपुर, धोराजी और उपलेटा पंथक में आज यानी शुक्रवार सुबह भूकंप के लगातार झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में भय का माहौल व्याप्त हो गया। इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR) के मुताबिक, पिछले 12 घंटों में इस क्षेत्र में कुल 7 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।
बीती रात 8:43 बजे रिक्टर स्केल पर 3.3 तीव्रता का झटका किया गया महसूस
ISR आंकड़े के मुताबिक, बीती रात यानी गुरूवार को भी 8:43 बजे रिक्टर स्केल पर 3.3 तीव्रता का झटका महसूस किया गया, जिसका केंद्र उपलेटा से लगभग 30 किलोमीटर दूर था। इसके बाद आज सुबह सबसे तेज झटका 6.19 मिनट पर दर्ज हुआ, जिसकी तीव्रता 3.8 थी।
आज के दर्ज किए झटके
सुबह 06:19 बजे – 3.8 तीव्रता
सुबह 06:56 बजे – 2.9 तीव्रता
सुबह 06:58 बजे – 3.2 तीव्रता
सुबह 07:10 बजे – 2.9 तीव्रता
सुबह 07:13 बजे – 2.9 तीव्रता
सुबह 07:33 बजे – 2.7 तीव्रता
सुबह 08:34 बजे – फिर से हल्का झटका महसूस किया गया
भूकंप की गहराई जमीन से 6.1 किलोमीटर से 13.6 किलोमीटर थी
जानकारी के अनुसार, इन सभी झटकों का केंद्र मुख्य रूप से उपलेटा से 27 से 30 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा में था। वहीं, भूकंप की गहराई जमीन से 6.1 किलोमीटर से 13.6 किलोमीटर के बीच मापी गई है।
किसी तरह का कोई नुकसान नहीं
हालांकि अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन लगातार झटकों के कारण लोग घरों से बाहर निकल आए और दहशत का माहौल पैदा हो गया। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
धोराजी के निजी स्कूलों के संचालकों ने किया अवकाश घोषित
भूकंप के झटकों के चलते राजकोट जिले के धोराजी शहर में कई निजी स्कूलों के संचालकों ने एहतियातन आज अवकाश घोषित कर दिया. विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया। जो बच्चे सुबह स्कूल पहुंच चुके थे, उन्हें भी वापस घर भेज दिया गया।
गौरतलब है कि गुजरात में भूकंप अधिक आने के वैज्ञानिक कारण हैं, गुजरात कई भूकंपीय फॉल्ट लाइनों पर स्थित है, जिनमें कच्छ फॉल्ट, कट्रोल हिल्स फॉल्ट और नलिया फॉल्ट शामिल हैं। इन फॉल्ट्स पर धरती की प्लेटों में लगातार तनाव बनता रहता है, जिसके टूटने पर भूकंप आता है।