गुरुग्राम में चार वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई सख्ती! कहा- हरियाणा के DGP दें जवाब
अदालत ने गुरुग्राम के जिला न्यायाधीश को निर्देश दिया है कि वे संबंधित मजिस्ट्रेट से जवाब मांगें, जिन पर मामले को संवेदनहीन तरीके से संभालने का आरोप लगा है
नई दिल्ली। हरियाणा में चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती अपनाई है। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई-एसआईटी की जांच कराए जाने की मांग वाली याचिका पर हरियाणा सरकार और राज्य के डीजीपी को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त और मामले की जांच कर रहे अधिकारी को इस मामले के सभी रिकॉर्ड के साथ 25 मार्च को अदालत में हाजिर होने का निर्देश दिया है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
याचिकाकर्ता के वकील मुकुल रोहतगी ने आरोप लगाया कि घटना के एक महीने बाद भी पुलिस ने कोई गिरफ्तारी नहीं की, घटनास्थल को सुरक्षित नहीं किया और न ही सीसीटीवी फुटेज जुटाई।
मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण की मांग
अदालत ने गुरुग्राम के जिला न्यायाधीश को निर्देश दिया है कि वे संबंधित मजिस्ट्रेट से जवाब मांगें, जिन पर मामले को संवेदनहीन तरीके से संभालने का आरोप लगा है।
यह था मामला
यह घटना गुरुग्राम के सेक्टर 53 की एक हाउसिंग सोसाइटी की है, जहां कथित तौर पर घरेलू सहायिकाओं और उनके साथियों ने बच्ची का यौन शोषण किया। पुलिस ने इस मामले में पोक्सो (POCSO) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।