निकाय चुनाव: अजित पवार के साथ मंच पर दिखीं सुप्रिया! चाचा भतीजा आए साथ, घोषणा पत्र जारी
मुंबई। एनसीपी और एनसीपी (शरद पवार) ने पुणे नगर निगम चुनाव में एक साथ चुनाव लड़ने के फैसले के बाद अपना संयुक्त घोषणापत्र जारी किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अजित पवार और सांसद सुप्रिया सुले ने एक ही मंच साझा किया। शरद पवार और अजीत पवार की पार्टी पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में निकाय चुनाव एकसाथ लड़ रही है। अजित पवार ने कहा हमारा मकसद पुणे के नागरिकों के लिए विकास और स्थिरता सुनिश्चित करना है।
भाजपा और अन्य विपक्षी पार्टियों के सामने मजबूत संदेश जाएगा
इस संयुक्त घोषणापत्र के माध्यम से हम शहर की जनता के सामने अपनी स्पष्ट नीति पेश कर रहे हैं। वहीं सुप्रिया सुले ने भी कहा कि पार्टी सभी वर्गों और समाज के हितों को ध्यान में रखते हुए चुनावी रणनीति बनाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि संयुक्त मंच से भाजपा और अन्य विपक्षी पार्टियों के सामने मजबूत संदेश जाएगा। अजित पवार ने स्थानीय भाजपा नेतृत्व पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र से पर्याप्त फंड मिलने के बावजूद पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ का विकास रोक दिया गया। पिछले नगर निगम चुनावों में 2017 से 2022 तक दोनों निगमों में भाजपा की सरकार थी। इस बार एनसीपी का गठबंधन उनके विकास एजेंडे के साथ जनता के सामने चुनावी विकल्प पेश कर रहा है।
15 जनवरी को निकाय चुनाव
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में 15 जनवरी को 29 नगर निगमों, जिनमें पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ शामिल हैं, के लिए चुनाव होने हैं। राज्य चुनाव आयोग ने 15 जनवरी को इन क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है ताकि अधिक से अधिक लोग वोट डालें। आयोग ने 70% से ज्यादा मतदान सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया है।
128 पार्षदों का चुनाव
पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ जैसे बड़े शहरी क्षेत्रों में भाजपा अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रही है, जबकि एनसीपी पिंपरी-चिंचवाड़ के 32-वार्ड निगम में वापसी की तैयारी कर रही है। इस निगम में लगभग 17.13 लाख मतदाता होंगे, जो 128 पार्षदों का चुनाव करेंगे।
एनसीपी के पुणे निगम चुनाव घोषणापत्र में प्रमुख वादे
हर घर को नल से प्रतिदिन साफ पानी की सुविधा।
यातायात और सड़कें सुरक्षित, गड्ढों से मुक्त पुणे।
नियमित सफाई और स्वच्छता सुनिश्चित करना।
शहर में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना।
प्रदूषण मुक्त और हरित पुणे का निर्माण।
झुग्गी-झोपड़ियों का पुनर्वास और पुरानी इमारतों का नवीनीकरण।
PMPML बस और मेट्रो में मुफ्त यात्रा।
500 वर्ग फीट तक के घरों पर संपत्ति कर माफी
पुणेवासियों के प्रति जिम्मेदार और पारदर्शी प्रशासन।