प्यार की इजाजत का दिन! प्रपोज डे पर ऐसे करें भावनाओं का इजहार, जानें इस दिन का इतिहास
नई दिल्ली। प्रपोज डे वैलेंटाइन वीक का दूसरा और सबसे खास दिन होता है, जो हर साल 8 फरवरी को मनाया जाता है। यह दिन उन लोगों के लिए बेहतरीन अवसर है जो अपने दिल की बात किसी से कहना चाहते हैं या अपने पार्टनर के साथ रिश्ते को एक कदम आगे ले जाना चाहते हैं।
प्रपोज डे का महत्व
1. भावनाओं का इज़हार: यह दिन प्यार को ईमानदारी और साहस के साथ व्यक्त करने के लिए समर्पित है।
2. नया अध्याय: कई कपल्स इस दिन सगाई या शादी का प्रस्ताव रखकर अपनी नई ज़िंदगी की शुरुआत करते हैं।
3. पुरानी यादों को ताज़ा करना: जो लोग पहले से रिश्ते में हैं, वे इस दिन एक-दूसरे से अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराते हैं।
सेलिब्रेट करने के बेहतरीन तरीके
- किसी शांत जगह पर रोमांटिक डिनर प्लान करें।
- उस जगह जाएं जहां आप पहली बार मिले थे और वहाँ अपने दिल की बात कहें।
- आप अपने पार्टनर को अंगूठी, फोटो फ्रेम, या उनके पसंदीदा फूलों का गुलदस्ता दे सकते हैं।
- एक हाथ से लिखा पत्र आज के दौर में बहुत खास और रोमांटिक माना जाता है।
इतिहास और महत्व
प्रपोज डे का कोई बहुत पुराना लिखित इतिहास नहीं है, लेकिन इसकी जड़ें पाश्चात्य संस्कृति (Western Culture) और वैलेंटाइन डे की बढ़ती लोकप्रियता से जुड़ी हैं। माना जाता है कि 1477 में ऑस्ट्रिया के आर्कड्यूक मैक्सिमिलियन ने मैरी ऑफ बरगंडी को हीरे की अंगूठी के साथ प्रपोज किया था, जिसने अंगूठी देकर प्रस्ताव रखने की परंपरा को जन्म दिया।
आधुनिक उत्सव
20वीं सदी के अंत में जब वैलेंटाइन डे को एक हफ्ते के त्यौहार के रूप में मनाया जाने लगा, तब प्यार को धीरे-धीरे परवान चढ़ाने के लिए हर दिन को एक नाम दिया गया, जिसमें 'प्रपोज डे' को दूसरा स्थान मिला।