इस दिन लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण! भारत में द‍िखेगा इतने समय तक, कर लें यह उपाय

Update: 2026-02-24 14:30 GMT

नई दिल्ली। साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च, मंगलवार को लगने जा रहा है। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जिसे "ब्लड मून" भी कहा जाता है। इस बार का चंद्र ग्रहण सबसे लंबी अवधि‍ वाला रहने वाला है। इस द‍िन चंद्रमा स‍िंह रााश‍ि में स्‍थ‍िर रहेगा। वैसे यह चंद्र ग्रहण भारत में लंबी अवधि के लिए नजर नहीं आएगा। यही वजह है क‍ि यहां सूतक काल भी मान्‍य नहीं है। 

भारत में समय और दृश्यता

भारत में यह ग्रहण केवल इसके अंतिम चरणों में, चंद्रमा उदय होने के समय  दिखाई देगा।

कुल अवधि: दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:47 बजे तक।

भारत में दृश्यता का समय: भारत के अधिकांश हिस्सों में यह शाम 6:22 बजे से 6:47 बजे के बीच लगभग 20 से 25 मिनट के लिए दिखाई देगा।

सूतक काल: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण दिखाई देने के कारण भारत में सूतक काल मान्य रहेगा, जो ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले यानी सुबह 6:20 बजे से ही शुरू हो जाएगा।

ग्रहण के दौरान इन कामों से बचें

ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है।

भोजन करने और पकाने से बचें: ग्रहण के दौरान खाना खाने या बनाने से बचना चाहिए। पहले से बने भोजन में तुलसी के पत्ते डाल देने चाहिए।

गर्भवती महिलाएं रहें सावधान: गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान बाहर निकलने और नुकीली चीजों (जैसे चाकू, कैंची, सुई) का उपयोग करने से बचना चाहिए।

शुभ कार्य और पूजा: सूतक काल शुरू होने के बाद मंदिरों के कपाट बंद हो जाते हैं, इसलिए कोई भी नया या शुभ कार्य न करें और मूर्तियों को स्पर्श न करें।

अन्य वर्जित कार्य: ग्रहण के दौरान सोने, यात्रा करने या शारीरिक संबंध बनाने से बचने की सलाह दी जाती है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से चंद्र ग्रहण को खुली आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है।

कौन से काम करें 

दान करें- चंद्र ग्रहण जब समाप्‍त हो जाए तो इसके बाद सफेद चीजों का दान करने की मान्‍यता है. इसमें चावल, चीनी, दूध या चांदी दान की जा सकती हैं।

स्‍नान जरूर करें- ग्रहण के समाप्‍त होने के बाद पानी में गंगाजल म‍िलाकर स्‍नान करना चाह‍िए. वहीं पूरे घर में गंगाजल से छ‍िड़काव करें. इससे पूरा घर शुद्ध हो जाएगा।

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