उत्तराखंड में 2027 में कुंभ मेला का होगा आयोजन! मोदी सरकार ने 500 करोड़ की राशि की जारी, जानें मेला की तारीख
मुख्यमंत्री धामी ने धनराशि जारी करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आभार जताया है।
देहरादून। उत्तराखंड में अगले साल कुंभ मेला का आयोजन होने वाला है। धामी सरकार इसकी तैयारियों में जुट गई है। वहीं इसको लेकर केंद्र सरकार ने इसके लिए बड़ी बजट देने का ऐलान किया है। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने 500 करोड़ की राशि जारी कर दी है। इस राशि के मिलने से कुंभ मेला क्षेत्र में होने वाले अवस्थापना विकास व घाटों के सौंदर्यीकरण समेत अन्य कार्यों में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री धामी ने धनराशि जारी करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आभार जताया है।
जनवरी से अप्रैल तक होना है कुंभ मेला आयोजन
दरअसल, हरिद्वार में जनवरी से अप्रैल 2027 तक कुंभ मेला आयोजन होना है। प्रदेश सरकार ने कुंभ मेला को दिव्य व भव्य रूप से मनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। वहीं, कुंभ मेला के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को 500 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। सीएम ने कहा कि कुंभ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और सामाजिक समरसता का विश्वविख्यात महापर्व है। केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृत धनराशि कुंभ मेला 2027 को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, यातायात प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी।
करोड़ों श्रद्धालुओं को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी
सीएम ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी का देवभूमि उत्तराखंड से विशेष जुड़ाव है। राज्य के विकास में प्रधानमंत्री ने कभी निराश नहीं किया है। चारधाम परियोजना, ऑल वेदर रोड, रेल व हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ ही विभिन्न विकास कार्यों में केंद्र का सहयोग राज्य के लिए संबल सिद्ध हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्ता पूर्ण कार्य सुनिश्चित करते हुए दिव्य और भव्य कुंभ मेला 2027 आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कुंभ मेला 2027 के सफल आयोजन के लिए केंद्र सरकार का सहयोग राज्य सरकार के संकल्प को और मजबूती प्रदान करेगा। सीएम ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से कुंभ मेला 2027 ऐतिहासिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन के रूप में स्थापित होगा तथा देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।