पटना में गंगा की लहरों पर दौड़ेगी मेट्रो, अब पानी के रास्ते पहुंचेंगे सोनपुर और हाजीपुर...इतने करोड़ का है प्रोजेक्ट

गांधी घाट पर चार्जिंग पॉइंट के निर्माण के साथ इस प्रोजेक्ट ने अब रफ्तार पकड़ ली है।

Update: 2026-03-09 08:24 GMT

पटना। बिहार की राजधानी पटना में यातायात की सुविधा में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। दरअसल पटना को जल्द ही वाटर मेट्रो की सौगात मिलने जा रही है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 908 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, इस परियोजना का उद्देश्य पटना की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव को कम करना है, इसके साथ पर्यटन एवं नदी परिवहन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना भी है।

पहला चरण- गांधी घाट से गायघाट तक

वाटर मेट्रो का पहला चरण 10.5 किलोमीटर लंबा होगा, जिसके मुख्य पड़ाव गांधी घाट और गायघाट रखे गए हैं। पहल यह मार्ग दीघा और कंगन घाट के बीच संचालित होगा। इससे यात्रियों के समय की बचत होगी और गंगा की लहरों के बीच एक सुखद यात्रा का अनुभव भी मिलेगा। भविष्य में इस नेटवर्क का विस्तार कर इसमें 10 टर्मिनल और 4 रूट जोड़ने की योजना है।

मास्टर प्लान के तहत हाजीपुर से सोनपुर तक विस्तार

पटना वाटर मेट्रो केवल राजधानी पटना तक सीमित नहीं रहेगी। जानकारी के मुताबिक, दूसरे चरण में इसे हाजीपुर और सोनपुर तक विस्तारित करने की योजना है। यह रूट कंगन घाट से शुरू होकर गायघाट, गांधी घाट, दीघा घाट होते हुए पानापुर, काली घाट (सोनपुर) और छेछर घाट तक जाएगा।

यह है प्रोजेक्ट

वाटर मेट्रो के लिए जिस बोट का इस्तेमाल किया जाएगा उसका नाम एमवी-गोमधर कुंवर रखा गया है। इस बोट की कीमत 12 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। पूरे वाटर मेट्रो प्रोजेक्ट पर करीब 908 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। यह प्रोजेक्ट इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया और बिहार सरकार मिलकर चला रहे हैं। वहीं, तकनीकी सहयोग कोचीन शिपयार्ड के इंजीनियर दे रहे हैं।



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