दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा में फंस गया है प्रदूषण! जानें कब तक आसमान में रहेगा स्मॉग की मोटी चादर

Update: 2026-01-01 22:10 GMT

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में हवा काफी जहरीली हो चुकी है। यहां तक कि लोगों को यहां की हवा में सांस लेना भी मुहाल हो गया है। मौसम की दशा खराब होने के चलते हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रही। यहां तक कि आसमान में स्मॉग की मोटी चादर भी दिखाई दी। इस वजह से कई इलाकों में दृश्यता भी बेहद कम रही। साथ ही, लोगों को आंख में जलन व सांस के मरीजों को परेशानी महसूस हुई। हालांकि फिलहाल मौसम का हाल ऐसा ही रहने वाला है। 

सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा

बता दें कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि रविवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन, खांसी, और सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

फंसा हुआ प्रदूषण बाहर नहीं निकल पाता

दरअसल, पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बनी हुई गंभीर वायु गुणवत्ता का मुख्य कारण मौसम का मिजाज है। तापमान में कमी के कारण प्रदूषण के स्तर में भारी वृद्धि हुई है। इसी ठंडी हवा में गाड़ियों का धुआं और निर्माण की धूल जैसे प्रदूषक जमा हो जाते हैं। प्रदूषकों को ऊपर जाने का रास्ता नहीं मिलता है। इसलिए वे जमीन के बहुत करीब फंसे रहते हैं। साथ ही, जब बारिश नहीं होती और हवा भी धीरे चलती है, तो यह फंसा हुआ प्रदूषण बाहर नहीं निकल पाता, जिससे स्थिति कई गुना खराब हो जाती है। 

नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित

वहीं एनसीआर में दिल्ली के बाद नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 367 दर्ज किया गया, यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है जबकि गाजियाबाद में 356, गुरुग्राम में 312 और ग्रेटर नोएडा में 352 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 234 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है। 

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