आज है मासिक दुर्गा अष्टमी, माता जगतजननी को इस तरह मनाएं और पुण्य के भागीदारी बनें...

Update: 2026-01-26 02:30 GMT

मासिक दुर्गा अष्टमी देवी दुर्गा की विशेष आराधना के लिए हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। सनातन धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत बहुत विशेष माना जाता है। ये व्रत आदिशक्ति मां दुर्गा को समर्पित है। ऐसी पौराणिक मान्यता है कि मां दुर्गा का जन्म शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था। इसलिए हर माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि मां दुर्गा को समर्पित की गई है। इस तिथि पर मां दुर्गा की विशेष पूजा की जाती है।

 इसके पीछे धार्मिक, आध्यात्मिक और प्रतीकात्मक तीनों कारण माने जाते हैं

 मासिक दुर्गा अष्टमी क्यों मनाई जाती है?

 देवी दुर्गा शक्ति का स्वरूप हैं

अष्टमी तिथि देवी दुर्गा को अत्यंत प्रिय मानी गई है। यह तिथि शक्ति, साहस और संरक्षण का प्रतीक है। हर महीने इस दिन पूजा करने से देवी की कृपा निरंतर बनी रहती है।

 नवरात्रि जैसा पुण्य, हर महीने जैसे साल में शारदीय नवरात्रि में दुर्गा पूजा होती है, वैसे ही मासिक दुर्गा अष्टमी को लघु नवरात्रि जैसा फल देने वाली माना गया है।

जो लोग सालभर नवरात्रि जैसा नियम नहीं निभा पाते, उनके लिए यह एक सरल मार्ग है।

 नकारात्मक शक्तियों से रक्षा

मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से भय,रोग,शत्रु बाधा, मानसिक तनाव से रक्षा होती है।

 कन्या पूजन का महत्व

देवी शक्ति का प्रतीक हैं, इसलिए इस दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। यह याद दिलाता है कि नारी ही शक्ति है।

 मनोकामना पूर्ति और आत्मबल

ऐसी लोकमान्यता है कि नियमित मासिक दुर्गा अष्टमी व्रत रखने से आत्मविश्वास बढ़ता है। इच्छाशक्ति मजबूत होती है और रुके हुए काम पूरे होने लगते हैं।

 क्या करें इस दिन

व्रत (पूरी तरह या फलाहार)

दुर्गा सप्तशती / दुर्गा चालीसा पाठ

दीपक जलाना

कन्या पूजन (यदि संभव हो)


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