ट्रंप ने होर्मुज में जहाजों की नाकाबंदी वाले दावे को दोहराया, ईरान को दी यह चेतावनी!
भारतीय मूल की रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने ट्रंप के 'ब्लॉकेड प्लान' का समर्थन किया
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने होर्मुज अपने सैन्य नाकाबंदी वाले दावे को दोहराया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पूर्वी अमेरिका के समय के मुताबिक सुबह 10 बजे से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू की जाएगी। ट्रंप ने कहा कि 'संयुक्त राज्य अमेरिका 13 अप्रैल को ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने अथवा बाहर निकलने वाले जहाजों की नाकाबंदी करेगा। वहीं, दूसरी ओर भारतीय मूल की रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने ट्रंप के 'ब्लॉकेड प्लान' का समर्थन किया है।
तेहरान होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमाल वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाना चाहता है
भारतीय मूल की रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने कहा कि अमेरिका का ईरान के साथ बातचीत से पीछे हट जाना सही फैसला था। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'ब्लॉकेड प्लान' का समर्थन किया। निक्की हेली ने चेतावनी देते हुए कहा कि तेहरान होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमाल वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाने के लिए कर रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई, दोनों पक्षों के बीच वार्ता बहुत अलग-अलग थी। निक्की हेली ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि अमेरिका के पास 15 प्वाइंट का प्लान था। ईरान के पास 10 प्वाइंट का प्लान था। लेकिन दोनों प्लान में बहुत अंतर था। ईरानी अपना न्यूक्लियर प्रोडक्शन और होर्मुज पर अपना दबदबा बनाए रखना चाहते हैं।
बातचीत खत्म करने के फैसले का किया समर्थन
उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बातचीत खत्म करने के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि हम बातचीत जारी नहीं रखेंगे। यह हमारे समय के लायक नहीं है। ट्रंप सरकार अब निश्चित तौर पर आगे बढ़ रहा है। हम ईरान पर वहीं हमला करेंगे जहां उसे चोट पहुंचेगी। हेली ने इस ब्लॉकेड को ईरान को कमजोर करने की एक बड़ी आर्थिक रणनीति का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि ईरान को असल में घुटनों पर लाने के लिए उस पर आर्थिक रूप से हमला करना होगा। होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखना वैश्विक व्यापार के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान अमेरिका और उसके साथियों पर दबाव बढ़ाने के लिए अपनी स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान जीत को ट्रंप और खाड़ी के साथियों पर जितना हो सके उतना राजनीतिक और आर्थिक दबाव डालने के तौर पर देखता है। यह एक मुश्किल काम है।