TARIFF मामले में चौतरफा घिरे ट्रंप! टैरिफ नीतियों के खिलाफ अमेरिकी संसद में प्रस्ताव लाने की उठी मांग, जानें पूरा मामला
नई दिल्ली। टैरिफ मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चौतरफा घिरते हुए दिख रहे हैं। दरअसल, फेडरल कोर्ट के फैसले के बाद अब सीनेट में भी ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। अमेरिकी संसद में विदेश मामलों की कमेटी ट्रंप के टैरिफ पर एक्शन ले सकती है। वहीं डेमोक्रेट सांसद ग्रेगरी मीक्स ने हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स के स्पीकर माइक जॉनसन से टैरिफ खत्म करने के प्रस्ताव पर विचार करने की अपील की है।
ट्रंप की अराजकता को छुपाना बंद करना चाहिए
बता दें कि ग्रेगरी ने कहा कि ट्रायल और अपीलीय दोनों अदालतों ने ट्रंप के टैरिफ को अवैध बताया है। इसलिए स्पीकर जॉनसन को ट्रंप की अराजकता को छुपाना बंद करना चाहिए और टैरिफ खत्म करने के लिए मेरे प्रस्तावों को सदन में रखना चाहिए। वहीं भारत पर टैरिफ लगाने के फैसले के खिलाफ अमेरिकी व्यवस्था में लोग एकजुट हो रहे हैं। इन्हें डर है कि कहीं टैरिफ की वजह से भारत से दोस्ती न टूट जाए।
हर देश पर आयात कर लगाने का अधिकार नहीं
बता दें कि फेडरल कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि ट्रंप को कानूनी तौर पर नेशनल इमरजेंसी घोषित करने और दुनिया के लगभग हर देश पर आयात कर लगाने का अधिकार नहीं है। वहीं कोर्ट ने कहा कि ट्रंप के ज्यादातर ग्लोबल टैरिफ गैरकानूनी हैं। लेकिन, कोर्ट ने यह भी कहा है कि ये टैरिफ 14 अक्टूबर तक लागू रहेंगे, ताकि ट्रंप प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का समय मिल सके।
ट्रम्प ने कोर्ट के फैसले को एकतरफा और गलत बताया
दरअसल अदालत के फैसले के बाद, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि देशों पर लगाए गए सभी टैरिफ लागू रहेंगे। उन्होंने कोर्ट के फैसले को एकतरफा और गलत बताया है। ट्रंप ने कहा कि वे जानते हैं कि अंत में अमेरिका की जीत होगी। अगर ये टैरिफ कभी हटा दिए गए, तो यह देश के लिए पूरी तरह से विनाशकारी होगा। यह हमें आर्थिक रूप से कमजोर बना देगा, और हमें मजबूत होना होगा।