US-Israel Iran War: खाड़ी देशों से पलायन की तैयारी में हैं Microsoft और Amazon जैसी दिग्गज कंपनियां...भारत बना सबसे सुरिक्षत ठिकाना

भारत में पिछले सवा साल के अंदर बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर बनाए गए हैं, जिसकी वजह से यहां कंपनियों के लिए पर्याप्त जगह मिल रहे हैं।

Update: 2026-03-09 15:00 GMT

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट संकट के बीच Amazon Web Services और Microsoft Azure जैसी दुनिया की दिग्गज क्लाउड कंपनियां अब दुबई, अबू धाबी और ओमान जैसे खाड़ी देशों से अपना खास डेटा कारोबार समेट रही हैं। दरअसल युद्ध के बुरे असर से बचने के लिए ये टेक कंपनियां अब अपने सर्वर और डेटा सेंटर के संचालन के लिए भारत और सिंगापुर जैसे सुरक्षित जगहों की तरफ रुख कर रहे हैं।

UAE में हुए हमले से दिग्गजों के बीच डर व्याप्त

दरअसल इस बड़े बदलाव का कारण हाल ही में खाड़ी देशों में हुए भीषण हमले हैं। 2 मार्च को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में AWS के दो और बहरीन में एक डेटा सेंटर पर ड्रोन से सटीक हमले किए गए। इन हमलों का असर इतना व्यापक था कि पलक झपकते ही वहां के स्थानीय बैंकिंग ऐप्स बंद हो गए। इसके अलावे दुबई और कुवैत जैसे प्रमुख शहरों में हवाई अड्डों का संचालन बाधित हो गया। तकनीकी खामियों के कारण यूएई के शेयर बाजार तक को भी बंद करना पड़ा।

अमेजन ने दी जानकारी

अमेजन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मध्य पूर्व क्षेत्र में उसकी कई दर्जन सेवाएं अथवा पूरी तरह से बाधित हैं या फिर उनकी गुणवत्ता प्रभावित हो गई है। इसके अलावा ऐसा बताया गया है कि ईरान के तेहरान में स्थित माइक्रोसॉफ्ट एज्योर के एक फैसिलिटी सेंटर को भी निशाना बनाया गया है।

भारत बना सुरक्षित ‘डेटा’ का नया ठिकाना

दरअसल, इंटरनेट की दुनिया में दूरी का सीधा असर स्पीड पर पड़ता है, जिसे तकनीकी भाषा में ‘लेटेंसी’ (Latency) कहा जाता है। डेटा सेंटर जितनी दूर होगा, आपकी वेबसाइट या ऐप उतनी ही धीमी चलेगी। इसीलिए बैंकिंग जैसे अति-संवेदनशील कामों के लिए इन कंपनियों को खाड़ी देशों के करीब एक सुरक्षित जगह चाहिए थी। अब मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और कोच्चि जैसे भारतीय शहरों में तुरंत डेटा सेंटर की जगह खोजी जा रही है। जानकारी के अनुसार, भारत में पिछले सवा साल के अंदर बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर बनाए गए हैं, जिसकी वजह से यहां कंपनियों के लिए पर्याप्त जगह मिल रहे हैं।

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