जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी खामोश रहते हैं...इंदौर जहरीले पानी पर राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर कसा तंज
नई दिल्ली। देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर इस समय विवाद में घिर गया है। जहां लगातार सात साल से इंदौर को सबसे स्वच्छ शहर का तमगा हासिल है तो वहीं आज इंदौर जहरीले पानी की वजह से चर्चा में आ गया है। सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में सियासत भी शुरू हो गई है। वहीं दूषित पानी पीने की वजह से कई लोगों की जान चली गई है जबकि सैकड़ों लोग अस्पताल में भर्ती हैं। हालांकि अब अस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बयान सामने आया है।
सरकार ने घमंड परोस दिया
बता दें कि राहुल गांधी ने कहा कि इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी, सरकार ने घमंड परोस दिया। लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की-फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई?
सीवर पीने के पानी में कैसे मिला?
वहीं उन्होंने आगे कहा कि सीवर पीने के पानी में कैसे मिला? समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं हुई? जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी? ये ‘फोकट’ सवाल नहीं - ये जवाबदेही की मांग है। साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है। और इस अधिकार की हत्या के लिए BJP का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है। मध्यप्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है - कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे और अब सीवर मिला पानी पीकर मौतें और जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं।