कैल्शियम की गोलियां किसे लेनी चाहिए , जानें क्या हैं फायदे और नुकसान....
कैल्शियम और आयरन का सेवन एक साथ नहीं करना चाहिए।
नई दिल्ली। कैल्शियम की गोलियां (supplements) कब शुरू करनी चाहिए, यह आपकी उम्र, स्वास्थ्य और जरूरत पर निर्भर करता है। हर किसी को खुद से शुरू नहीं करनी चाहिए। पहले जरूरत समझना जरूरी है। आयरन और कैल्शियम दोनों के बेहतर अवशोषण के लिए, यह सलाह दी जाती है कि आप आयरन सप्लीमेंट लेने से दो घंटे पहले या दो घंटे बाद कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं या कैल्शियम सप्लीमेंट लें। आपको कैल्शियम और आयरन का सेवन एक साथ नहीं करना चाहिए।
कब शुरू करनी चाहिए:
कमी (deficiency) होने पर
अगर शरीर में कैल्शियम की कमी है (जैसे हड्डियों में दर्द, कमजोरी, बार-बार फ्रैक्चर), तो डॉक्टर की सलाह से शुरू करें।
गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान
इस समय कैल्शियम की जरूरत बढ़ जाती है, इसलिए डॉक्टर अक्सर सप्लीमेंट देते हैं।
40 साल के बाद / मेनोपॉज के बाद
खासकर महिलाओं में हड्डियां कमजोर होने लगती हैं (Osteoporosis का खतरा बढ़ता है), तब कैल्शियम लेना फायदेमंद हो सकता है।
अगर डाइट में कमी हो
अगर आप दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियां कम खाते हैं, तो सप्लीमेंट की जरूरत पड़ सकती है।
विटामिन D की कमी के साथ
कैल्शियम सही से काम करने के लिए Vitamin D जरूरी है, इसलिए दोनों साथ में दिए जाते हैं।
ध्यान रखने वाली बातें:
खुद से ज्यादा मात्रा में लेना नुकसानदायक हो सकता है। (किडनी स्टोन का खतरा)
हमेशा डॉक्टर की सलाह से डोज तय करें
खाने के बाद लेना ज्यादा अच्छा रहता है
आसान सलाह:
अगर आप सामान्य रूप से स्वस्थ हैं और आपकी डाइट अच्छी है, तो अलग से कैल्शियम की गोली जरूरी नहीं होती।
लेकिन अगर आपको कमजोरी, हड्डियों में दर्द या कोई खास स्थिति है, तो पहले जांच करवाकर डॉक्टर से सलाह लें।