प्यार की शुरुआत में कपल क्यों होते हैं अधिक रोमांटिक! जानें क्या शारीरिक आकर्षण की वजह से होते हैं ज्यादा पास
नए प्यार की शुरुआत में जोड़ों के अधिक रोमांटिक होने के पीछे मुख्य रूप से जैविक (Biological) और मनोवैज्ञानिक (Psychological) कारण होते हैं। इस अवस्था को अक्सर "हनीमून फेज" कहा जाता है, जिसमें शरीर और मस्तिष्क में होने वाले बदलाव प्रेम को बहुत तीव्र बना देते हैं। जैसे-जैसे समय बीतता है, यह तीव्र जुनून अक्सर साथी प्रेम में बदल जाता है, जो अधिक शांत और गहरा होता है।
केमिकल लोचा (हार्मोनल रश)
प्यार की शुरुआत में मस्तिष्क डोपामाइन, ऑक्सीटोसिन और एड्रेनालाईन जैसे रसायनों का मिश्रण भारी मात्रा में छोड़ता है। डोपामाइन व्यक्ति को खुशी और उत्साह (Euphoria) महसूस कराता है जबकि ऑक्सीटोसिन (जिसे 'हग हार्मोन' भी कहते हैं) जुड़ाव और विश्वास की भावना को बढ़ाता है।
लेंस ऑफ लव (सकारात्मक पक्षपात)
नए प्यार में व्यक्ति दुनिया को "प्यार के चश्मे" से देखता है। इस दौरान पार्टनर की कमियां नजरअंदाज हो जाती हैं और उसकी हर छोटी बात आनंददायक लगती है।
एक-दूसरे को जानने की उत्सुकता
शुरुआत में पार्टनर के बारे में सब कुछ नया और रोमांचक होता है। यह उत्सुकता और रहस्य कपल को एक-दूसरे की ओर अधिक आकर्षित करता है और वे अधिक समय साथ बिताना चाहते हैं।
भावनात्मक और शारीरिक आकर्षण
मनोवैज्ञानिक रॉबर्ट स्टर्नबर्ग के अनुसार, शुरुआती प्यार में जुनून (Passion) और आत्मीयता (Intimacy) का स्तर बहुत ऊंचा होता है, जो रोमांस को चरम पर ले जाता है।
सामाजिक अलगाव
अक्सर नए प्रेमी जोड़े बाहरी दुनिया से कटकर अपनी एक अलग छोटी दुनिया बना लेते हैं, जहाँ उनका पूरा ध्यान केवल एक-दूसरे पर होता है।