ऑटोमेशन की दिशा में रेलवे, नई तकनीक से बदल जाएगी इस कंपनी की तकदीर, 900 करोड़ का मिला ऑर्डर
रेलवे नेटवर्क अब काफी व्यस्त हो चुका है, सिर्फ इंसानी क्षमता के भरोसे पूरी सिग्नलिंग व्यवस्था को सुचारू रखना नामुमकिन है
नई दिल्ली। भारत की रेलवे दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क में से एक है। सालों तक सरकार ने ट्रैक बिछाए, ट्रेनें बढ़ाईं और क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दिया। लेकिन अब अ सरकार नई ट्रेनें जोड़ने के अलावा कुछ और करने जा रही है। दरअसल अब ट्रेनों को ज्यादा सेफ और स्मार्ट बनाने की जरूरत है। यानी रेलवे को ऑटोमेशन की दिशा की ओर ले जाना। रेलवे नेटवर्क के इस आधुनिकीकरण और ऑटोमेशन की नई दिशा में क्वाड्रेंट फ्यूचर टेक नाम की एक कंपनी तेजी से उभर कर सामने आ रही है। इस कड़ी में सरकार अब पूरे देश में ‘कवच’ नाम का ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लागू करने वाली है।
कंपनी की आमदनी केबल कारोबार पर निर्भर
मौजूदा समय में कंपनी की पूरी आमदनी उसके पारंपरिक केबल कारोबार पर ही टिकी हुई है। आंकड़ों की बात करें तो दिसंबर 2025 तक के शुरुआती नौ महीनों में इसने लगभग 96 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया है। बाजार के जानकारों के मुताबिक, इस पूरे वित्तीय वर्ष के अंत तक यह कमाई 125 से 140 करोड़ रुपये के बीच पहुंच सकती है।
इंसानी क्षमता के भरोसे सिग्नलिंग व्यवस्था को सुचारू रखना नामुमकिन
रेलवे नेटवर्क अब काफी व्यस्त हो चुका है, सिर्फ इंसानी क्षमता के भरोसे पूरी सिग्नलिंग व्यवस्था को सुचारू रखना नामुमकिन है। एक ही ट्रैक पर कई ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही बनाए रखने और भयानक हादसों को रोकने के लिए अब आधुनिक सॉफ्टवेयर और ऑटोमेटेड सिस्टम की आवश्यकता है।
क्वाड्रेंट ने सुरक्षा प्रणाली के लिए स्वदेशी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर किया विकसित
रेल यात्रियों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए सरकार पूरे देश में ‘कवच’ (Kavach) नाम का ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम तेजी से लागू कर रही है। यह तकनीक ट्रेनों की टक्कर और ओवरस्पीड जैसी घटनाओं को रोकती है। क्वाड्रेंट ने इस अहम सुरक्षा प्रणाली के लिए अपना खुद का स्वदेशी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर विकसित किया है, जो कंपनी के लिए एक बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है।