काशी विश्वनाथ मंदिर में रंगो का संगम! रंगभरी एकादशी पर 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
वाराणसी। वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में रंगभरी एकादशी के पावन अवसर पर आस्था का अद्भुत जनसैलाब उमड़ा। मान्यता है कि इसी दिन बाबा विश्वनाथ माता पार्वती का 'गौना' कराकर पहली बार काशी पधारे थे, जिसके स्वागत में पूरी काशी गुलाल के रंगों में सराबोर हो जाती है। बता दें कि इस दिन 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए।
होली का औपचारिक शंखनाद
काशी में होली के उत्सव की शुरुआत इसी दिन से मानी जाती है। भक्तों ने बाबा पर अबीर, गुलाल और फूलों की वर्षा कर 'हर-हर महादेव' के जयघोष से पूरे परिसर को गुंजायमान कर दिया।
भव्य शोभायात्रा
परंपरा के अनुसार, बाबा विश्वनाथ और माता पार्वती की चल-प्रतिमा को पालकी में बिठाकर टेढ़ी नीम स्थित पूर्व महंत आवास से मंदिर तक लाया गया। बाबा ने इस अवसर पर शाही पगड़ी और खादी का विशेष परिधान धारण किया था।
विशेष सुरक्षा व्यवस्था
उमड़ी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र की देखरेख में दर्शनार्थियों के लिए सुव्यवस्थित मार्ग बनाए गए थे। इस वर्ष एक अनूठी पहल के तहत मथुरा और काशी के बीच होली के उपहारों और सांस्कृतिक परंपराओं का आदान-प्रदान भी हुआ।