मार्च में 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर सकती है गर्मी! गेहूं और सरसों को संकट
नई दिल्ली। गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। मार्च अब तक का सबसे गर्म महीना साबित हो सकता है। जिसके चलते गेहूं और सरसों की पैदावार कम हो सकती है। मौसम विभाग ने आधिकारिक घोषणा से पूर्व बताया कि मार्च में उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी राज्यों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान औसत से काफी ज्यादा रह सकता है।
40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है तापमान
आईएमडी इस सप्ताह के अंत तक मार्च के तापमान को लेकर अपना अनुमान जारी कर सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के एक अन्य अधिकारी ने कहा, अगले कुछ दिनों में दिन का पारा बढ़ने लगेगा और मार्च के अंत तक कई राज्यों में अधिकतम तापमान बढ़कर 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है।
गेहूं: अचानक बढ़ी गर्मी से गेहूं का दाना समय से पहले सूख सकता है, जिससे वजन और गुणवत्ता दोनों में कमी आ सकती है।
सरसों: सरसों की फसल भी कटाई के करीब है, अत्यधिक गर्मी से फलियां समय से पहले चटक सकती हैं और तेल की मात्रा प्रभावित हो सकती है। कृषि विभाग किसानों को हल्की सिंचाई करने की सलाह दे रहा है ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे और गर्मी का असर कम हो।
इस साल रिकॉर्ड क्षेत्रफल में बुवाई
मुंबई की ब्रोकरेज फर्म फिलिप कैपिटल इंडिया में कमोडिटी रिसर्च के उपाध्यक्ष अश्विनी बंसोड़ ने कहा, मार्च के पहले आधे हिस्से में लगातार सामान्य से ज्यादा तापमान रहने से गर्मी का तनाव बढ़ सकता है। यह इसलिए भी चिंतित करने वाली बात है कि किसानों ने इस साल रिकॉर्ड क्षेत्रफल में गेहूं और सरसों की बुवाई की है।