एक मच्छर आदमी को...जी हां एक ऐसा गांव, जहां इस वजह से नहीं हो रही है शादी, पढ़ें चौंकाने वाली खबर

ग्रामीणों ने कहा कि शादी योग्य युवकों के रिश्ते सिर्फ इसलिए टूट रहे हैं क्योंकि कोई भी परिवार अपनी बेटी को ऐसे गांव में भेजना नहीं चाहता, जहां रात गुजारनी मुश्किल हो जाए।

By :  Aryan
Update: 2026-04-13 08:30 GMT

राजकोट। गुजरात के राजकोट जिले से अजीबोगरीब मामल सामने आया है, कि आप भी सुनकर हैरान हो जाएंगे। दरअसल राजकोट जिले के वेजा गांव में कोई भी अपनी बेटी का विवाह नहीं करना चाहता है। जानकारी के मुताबिक, इन दिनों गांव एक अलग तरह की समस्या से जूझ रहा है, जिसने यहां के सामाजिक रिश्तों के साथ ही रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर दिया है। गांव में मच्छरों का इतना प्रकोप हो गया है स्वास्थ्य संकट होने के साथ ही अब लोगों की आय पर भी इसका असर पड़ रहा है।

लोग रिश्ता जोड़ने से कतरा रहे हैं

हालात इतनी गंभीर हो चुकी है कि आसपास के लोग अब वेजा गांव में रिश्ते जोड़ने से भी कतराने लगे हैं। कोई भी अपनी बेटी की शादी इस गांव में करने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि शादी योग्य युवकों के रिश्ते सिर्फ इसलिए टूट रहे हैं क्योंकि कोई भी परिवार अपनी बेटी को ऐसे गांव में भेजना नहीं चाहता, जहां रात गुजारनी मुश्किल हो जाए।

रिश्तेदार भी आने से इंकार करते हैं

गांव में दिन हो या रात हर समय मच्छरों का आंतक रहता है, जिस कारण किसी भी ग्रामीण के यहां कोई रिश्तेदार आने को तैयार नहीं है, जो आते भी है। वह शाम होते ही गांव से चले जाते हैं। गांव के लड़कों की शादी पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

सामाजिक अलगाव की तरफ जा रहा गांव

ग्रामीणों ने बताया, कई परिवारों में शादी की उम्र के लड़के हैं, लेकिन मच्छरों के डर से रिश्ते आगे नहीं बढ़ पा रहे। गांव अब धीरे-धीरे सामाजिक अलगाव की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

पशुपालकों पर पड़ा असर

इस समस्या का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं है। गांव के पशुपालकों को अपने पशुओं को बचाने के लिए बाड़ों में बड़े-बड़े मच्छरदानी जाल लगाने पड़ रहे हैं। मच्छरों के काटने से पशु बीमार हो रहे हैं, जिससे दूध उत्पादन में तेज गिरावट दर्ज की गई है।

आय का बड़ा हिस्सा हो जाता है खर्च

कई किसानों ने कहा कि दवाइयों, कीटनाशकों और बार-बार नई मच्छरदानियां लगाने में उनकी आय का बड़ा हिस्सा खर्च हो रहा है. कुछ किसान तो अब अपने पशुधन को बेचने तक का विचार कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने लगाया आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या पिछले सात से आठ सालों से लगातार बढ़ रही है। गांव के आसपास जमा गंदा पानी, जलकुंभी और सफाई की कमी ने मच्छरों के प्रजनन बढ़ा दिया है। लोगों का कहना है कि प्रशासन हर बार केवल पाउडर अथवा दवा का छिड़काव कर औपचारिकता निभा देता है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है।

प्रशासन से की मांग

ग्रामीण ने कहा अगर प्रशासन ही इस समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा, तो आम लोग हजारों मच्छरों के बीच कैसे सामान्य जीवन जी पाएंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के आसपास जमा गंदे पानी का स्थायी समाधान किया जाए।


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