हो जाएं सावधान, कहीं आप भी तो असली की जगह नकली अंडे का सेवन नहीं कर रहे, जानें इसे पहचानने के तरीके
अंडों को चायपत्ती के घोल और सिदनूर केमिकल में भिंगोकर देसी अंडों के रूप में रंगा जा रहा;
नई दिल्ली। अंडे सबको पसंद होते हैं। इनमें बहुत मात्रा में पोषक तत्व होते हैं। अंडे में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। सर्दी के मौसम में लोग अधिक अंडे का उपयोग करते हैं। क्योंकि इससे शरीर को गर्मी मिलती है। हालांकि देसी अंडों के अभाव में लोग बॉयलर अंडों का सेवन अधिक करने लगे हैं। बता दें कि हाल ही में मुरादाबाद से एक मामले की जानकारी सामने आई है। दरअसल यहां कारखाने में लोग नकली अंडों से देसी अंडे तैयार कर रहे थे।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने बरामद किए नकली अंडे
खाद्य सुरक्षा विभाग ने गोदाम से कुल 80 हजार से अधिक अंडे बरामद किए हैं। जिनमें कुल 45,360 रंगीन अंडे और 35,640 सफेद अंडे थे। उनको आर्टिफिशियल रंग से रंगकर देसी अंडा बनाया जाने वाला था। अंडों को चायपत्ती के घोल और सिदनूर केमिकल में भिंगोकर देसी अंडों के रूप में रंगा जा रहा था।
देसी अंडे और नकली देसी अंडे में अंतर करने के तरीके
इतने मात्रा में अंडे पकड़ाने के बाद लोग सोच रहे हैं कि असली देसी अंडे और नकली देसी अंडे में अंतर कैसे करें, तो आज जानें असली देसी अंडे पहचानने का तरीका। असली देसी अंडे का रंग हल्का भूरा या सफेद होता है और उसकी सतह चमकदार और मुलायम होती है। वहीं यदि जब अंडा नकली होता है तो उसकी सतह कभी-कभी बहुत अधिक चिकनी या प्लास्टिक जैसी दिखती है। नकली अंडे का रंग अधिक चमकता है। यह भी एक संकेत है कि वो नकली है।
अंडे के वजन से पहचान करें
असली अंडा में भारीपन महसूस होता है जबकि नकली अंडा हल्का हो सकता है। हालांकि असली देसी अंडा कमजोर होता है लेकिन नकली अंडा प्लास्टिक जैसा सख्त हो सकता है।
पानी में तैराकर कर जांच करें
असली देसी अंडे को ठंडे पानी में डालने पर वह पानी के बर्तन की तली में बैठ जाएगा लेकिन खराब या नकली अंडे पानी में तैरने लगते हैं।
बदबू से पहचान करें
असली देसी अंडे का कच्चा और पकाया हुआ अंडा प्राकृतिक गंध देता है लेकिन यदि नकली अंडों की महक में कैमिकल की बदबू आती है। असली अंडे का सफेद भाग चिकना होता है जबकि नकली अंडे का सफेद भाग गाढ़ा और चिपचिपा हो सकता है।