धोखा वह व्यक्ति देता है जो वफादारी से ज्यादा अपनी तात्कालिक इच्छाओं या स्वार्थ को महत्व देता है...क्या यह सच है?

Update: 2026-02-25 19:40 GMT

प्यार में धोखा देना किसी एक जेंडर (लड़का या लड़की) तक सीमित नहीं है। यह पूरी तरह से व्यक्ति के चरित्र, परिस्थितियों और रिश्ते की गहराई पर निर्भर करता है। वहीं कई बार लोग मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारणों से धोखा दे सकते हैं।

सच्चे प्यार की कमी

जब रिश्ता केवल आकर्षण या स्वार्थ (जैसे पैसा या जरूरत) पर टिका होता है, तो व्यक्ति आसानी से दूसरे विकल्प की तलाश करने लगता है।

कम्युनिकेशन गैप

जब पार्टनर आपस में खुलकर बात नहीं कर पाते, तो दूरियां बढ़ने लगती हैं और लोग बाहर भावनात्मक सहारा ढूंढने लगते हैं।

भावनात्मक या शारीरिक असंतोष

रिश्ते में खुशी या तालमेल की कमी होने पर भी लोग भटक सकते हैं।

गलत संगत या लत

कुछ मामलों में व्यक्ति की अपनी फितरत या किसी बुरी लत के कारण वह वफादार नहीं रह पाता।

बदला या मजबूरी

कभी-कभी पिछले दुखों का बदला लेने या किसी घरेलू हिंसा/मजबूरी की स्थिति में भी लोग रिश्ते से बाहर निकलने की कोशिश करते हैं।

निष्कर्ष

धोखा वह व्यक्ति देता है जो वफादारी से ज्यादा अपनी तात्कालिक इच्छाओं या स्वार्थ को महत्व देता है। यह किसी की 'जाति' या 'जेंडर' से नहीं, बल्कि उसके संस्कारों और ईमानदारी से जुड़ा विषय है।

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