पंजाब के बठिंडा में किसानों और पुलिस के बीच झड़प, दागे आंसू गैस के गोले, जानें क्या है मांग
बठिंडा। भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां संगठन के नेतृत्व में बठिंडा शहर की ओर निकाले गए किसानों के मार्च को पुलिस ने रोक दिया। जिसके बाद प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। बवाल तब शुरू हुआ जब किसानों ने बठिंडा जिला प्रशासनिक परिसर (DC ऑफिस) की ओर मार्च करने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें जियोंद गांव के पास और बठिंडा-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर बैरिकेड्स लगाकर रोकने की कोशिश की।
मुख्य मांग
भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के कार्यकर्ता अपने दो नेताओं, बलदेव सिंह चौक और शगनदीप सिंह जियोंद की रिहाई की मांग कर रहे हैं। ये नेता पिछले साल जनवरी में एक डीएसपी (DSP) पर हुए हमले के आरोप में अप्रैल 2025 से बठिंडा जेल में बंद हैं।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने छतों से पथराव किया, जिसके जवाब में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और कई किसानों को हिरासत में लिया गया।
किसानों ने रखा पक्ष
किसान नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने बिना उकसावे के बल प्रयोग किया और धार्मिक स्थलों के पास भी आंसू गैस छोड़ी। उनका कहना है कि विरोध प्रदर्शन करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।
सुरक्षा व्यवस्था
स्थिति को देखते हुए बठिंडा और आसपास के जिलों में लगभग 1,500 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है और अंतर-जिला सीमाओं को सील कर दिया गया है।