सीएम योगी ने पत्रकारिता को लेकर दिया संदेश, कहा- जनमानस को विचलित करती है एक ही खबर में भिन्नता...
सीएम योगी ने कहा कि सही-गलत के प्रति एक भाव में रहना आवश्यक है। महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक जैसे नेताओं ने भी पत्रकारिता को देश सेवा का माध्यम बनाया
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के सीएम ने आज यानी सोमवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में पत्रकारिता की विश्वसनीयता और संयम पर महत्वपूर्ण संदेश दिया। योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारिता के विभिन्न माध्यमों में समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि एक ही तथ्य को अलग-अलग माध्यमों से प्रस्तुत करने पर जनमानस में भ्रम फैल जाता है। ऐसे में मीडिया के प्रति लोगों का विश्वास कम हो जाता है। इसलिए सभी माध्यमों को समान मानक, मूल्यों और आदर्शों का पालन करना चाहिए।
मूल्यों और आदर्शों का रखें ध्यान
मुख्यमंत्री योगी ने पत्रकारिता को कभी बेलगाम न होने देने का आह्वान किया। उन्होंने मूल्यों और आदर्शों के साथ आगे बढ़ने पर जोर दिया। भारत में पत्रकारिता का मूलभाव राष्ट्र सेवा, समाज सेवा और 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' रहा है। सीएम योगी ने समाज को गुमराह करने वाली पत्रकारिता से बचने की सलाह दी।
जनमानस को विचलित न करें
सामाजिक और मुद्रित माध्यम में खबर की भिन्नता जनमानस को विचलित करती है। सरकार मूल्यों पर आधारित पत्रकारिता के साथ सदैव खड़ी है। लोकतंत्र संवाद से चलता है, जिसमें आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश नहीं मानना चाहिए। पत्रकारिता समाज का आईना है और जनविश्वास का प्रतीक है।
पत्रकारिता का भाव देश सेवा वाला हो
सही-गलत के प्रति एक भाव में रहना आवश्यक है। महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक जैसे नेताओं ने भी पत्रकारिता को देश सेवा का माध्यम बनाया। तिलक ने 1916 में लखनऊ से 'स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है' का नारा प्रसारित किया था। पत्रकारिता ने कठिन मार्गों का अनुसरण करते हुए सदैव अपने लक्ष्यों को प्राप्त किया है।