बेटे की सलामती के लिए बेटी की दे दी बलि, सगी मां ने अपने प्रेमी के संग मिलकर रची साजिश, जानें पूरा मामला
करीब छह दिनों तक चली एसआईटी की जांच में भयानक सच्चाई सामने आ गई
हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग से बड़ी अजीबोगरीब खबर सामने आई है। झारखंड के विष्णुगढ़ के कुसुंभा गांव में 13 वर्षीय मासूम बच्ची की हत्या के मामले में ऐसा खुलासा हुआ है, जिसे सुन आप अंदर से हिल जाएंगे। दरअसल जिस मां ने बेटी को जन्म दिया था उसी ने अपने बेटे की सलामती और पारिवारिक तंगी को दूर करने के लिए बेटी की बलि दे दी। पुलिस जांच में पता चला है कि मृतका की मां रेशमी देवी ने गांव की कथित भगतिन शांति देवी और अपने प्रेमी भीम राम के साथ मिलकर यह पूरी साजिश रची थी।
एसआईटी की जांच से हुआ खुलासा
करीब छह दिनों तक चली एसआईटी की जांच में भयानक सच्चाई सामने आ गई कि हत्या किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि परिवार के लोग ने रची गई थी।
बेटा मानसिक बीमार रहता था
जांच में सामने आया कि रेशमी देवी अपने बेटे सुधीर कुमार सिंह की शारीरिक और मानसिक परेशानी को लेकर लंबे समय से चिंतित थी। बेटे की तबीयत और पारिवारिक विवादों को लेकर वह पिछले एक वर्ष से गांव की कथित भगतिन शांति देवी के संपर्क में थी। भगतिन ने उसे विश्वास दिलाया कि परिवार की समस्याएं तभी दूर होंगी जब किसी कुंवारी लड़की की बलि दी जाएगी।
अंधविश्वास की जड़े हुई मजबूत
यहीं से मां के भीतर अंधविश्वास की जड़े मजबूत हुई, उसने अपनी ही बेटी को बलि के लिए चुन लिया। पुलिस के अनुसार भगतिन ने उसे यह भी समझाया कि उसकी छोटी बेटी पर देवी सवार है और उसी की बलि सबसे प्रभावी होगी।
अवैध संबंध का मामला
जांच का एक और पहलू यह भी है रेशमी देवी और भीम राम के बीच करीब दस सालों से अवैध संबंध कायम हैं। सूत्रों के अनुसार पति विनोद सिंह के मुंबई में रहने के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गई थी। गांव में इसकी चर्चा पहले से थी। यही संबंध धीरे-धीरे हत्या की साजिश का कारण बन गया।