मिर्गी (Epilepsy) की बीमारी को न करें नजरअंदाज, हो सकता है सेहत को भारी नुकसान, जानें कारण और बचाव के उपाय
यह एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें दिमाग की विद्युत गतिविधि अचानक असामान्य हो जाती है
नई दिल्ली। मिर्गी (Epilepsy) की बीमारी क्या है। दरअसल यह एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें दिमाग की विद्युत गतिविधि अचानक असामान्य हो जाती है, जिससे दौरे (seizures) पड़ते हैं।
मिर्गी के दौरे के कारण
मिर्गी के कई कारण हो सकते हैं
दिमाग की चोट – एक्सीडेंट या गिरने से
जन्म के समय ऑक्सीजन की कमी
ब्रेन ट्यूमर या ब्रेन इन्फेक्शन (जैसे मेनिन्जाइटिस)
स्ट्रोक
तेज बुखार (खासकर बच्चों में)
वंशानुगत कारण (परिवार में किसी को मिर्गी होना)
नशा या शराब छोड़ने पर
कई बार कोई स्पष्ट कारण नहीं मिलता (इसे Idiopathic कहते हैं)
मिर्गी के दौरे के लक्षण
अचानक बेहोश हो जाना
हाथ-पैर का झटके से हिलना
मुंह से झाग आना
जीभ कट जाना
पेशाब निकल जाना
दौरे के बाद थकान या भ्रम होना
मिर्गी का इलाज
मिर्गी पूरी तरह ठीक हो भी सकती है, लेकिन सही इलाज बहुत ज़रूरी है।
1. दवाइयां सबसे मुख्य इलाज है।दवा नियमित और लंबे समय तक लेनी पड़ती है। बिना डॉक्टर की सलाह दवा बंद न करें।
2. सर्जरी- अगर दवाओं से दौरे कंट्रोल न हों और कारण स्पष्ट हो, तो कुछ मामलों में ब्रेन सर्जरी की जाती है।
3. जीवनशैली में सावधानी
नींद पूरी लें
शराब और नशा न करें
तनाव कम रखें
समय पर दवा लें
तेज रोशनी/फ्लैश से बचें
दौरा पड़ने पर यह तरीका अपनाएं
मरीज को एक तरफ करवट दिलाएं
आसपास की कठोर चीजें हटा दें
कपड़े ढीले करें
मुंह में कुछ न डालें
पानी या दवा न दें
यदि दौरा 5 मिनट से अधिक चले तो तुरंत अस्पताल ले जाएं
अगर पहली बार दौरा पड़ा हो डॉक्टर को तुरंत दिखाएं