रिश्तों में लड़ाई होना न केवल सामान्य (Normal) है, बल्कि एक सीमा तक यह जरूरी भी मानी जाती है। इसके कुछ मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं।
यह सामान्य क्यों है?
दो अलग इंसान, जिनकी सोच, परवरिश और पसंद अलग होती है, उनका हर बात पर सहमत होना मुमकिन नहीं है। इसलिए मतभेद होना स्वाभाविक है।
यह जरूरी क्यों है?
अगर आप मन की बात नहीं कहेंगे, तो अंदर ही अंदर कड़वाहट (Resentment) पैदा होगी। लड़ाई के जरिए अक्सर दिल की बात बाहर आ जाती है।
एक-दूसरे की सीमाओं (Boundaries) का पता चलना
झगड़ों से यह स्पष्ट होता है कि पार्टनर को क्या पसंद है और क्या बिल्कुल बर्दाश्त नहीं।
रिश्ते में मजबूती
अगर लड़ाई के बाद आप उसे सुलझा लेते हैं, तो इससे आपसी समझ और भरोसा बढ़ता है।
क्या सामान्य 'नहीं' है?
लड़ाई होना ठीक है, लेकिन लड़ने का तरीका मायने रखता है। ये बातें रिश्ते के लिए हानिकारक हैं। जैसे एक-दूसरे को गाली देना या अपमानित करना। शारीरिक हिंसा (Physical violence)। पुरानी बातों को बार-बार खोदकर लाना। बातचीत बंद कर देना (Silent treatment)।