संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- कानून के दुरुपयोग पर लगेगा जुर्माना! इतने दिनों के भीतर दिवालियेपन के आवेदन को करना होगा स्वीकार...

सीतारमण ने बताया कि सरकार आईबीसी में कुल 12 संशोधन प्रस्तावित कर रही है

By :  Aryan
Update: 2026-03-30 08:10 GMT

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज यानी सोमवार को लोकसभा में कहा कि दिवालियापन और दिवालिया संहिता की वजह से देश के बैंकिंग सेक्टर में काफी सुधार हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने से कंपनियों की क्रेडिट रेटिंग में भी सुधार दर्ज किया गया है।

आईबीसी बनाने का मकसद

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि आईबीसी को कभी भी कर्ज वसूली का माध्यम बनाने के लिए नहीं बनाया गया था, बल्कि इसे संकटग्रस्त कंपनियों के समाधान को सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है।

कुल 12 संशोधन प्रस्तावित

सीतारमण ने बताया कि सरकार आईबीसी में कुल 12 संशोधन प्रस्तावित कर रही है। आईबीसी के तहत मामलों के निपटारे में देरी की मुख्य वजह अत्यधिक मुकदमेबाजी है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित संशोधन विधेयक में प्रक्रिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

आवेदन को 14 दिनों के भीतर करना होगा स्वीकार 

वित्त मंत्री ने कहा कि नए प्रावधानों के तहत यदि किसी कंपनी के डिफॉल्ट की पुष्टि हो जाती है, तो इन्सॉल्वेंसी आवेदन को 14 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से स्वीकार करना होगा। इससे प्रक्रिया में तेजी आएगी और अनावश्यक देरी पर रोक लगेगी।

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