केरल में पहली बार हुआ प्रत्यारोपण के लिए अंग का परिवहन, इंडिगो एयरलाइंस ने इस तरह की मदद...
किडनी को इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट से तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
तिरुवनंतपुरम। केरल में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी इंसान के अंग को कमर्शियल फ्लाइट से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया गया। केरल राज्य अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन के अधिकारियों ने जानकारी दी आज यानी गुरुवार को कन्नूर से तिरुवनंतपुरम तक एक किडनी हवाई जहाज से भेजी गई है। दरअसल कन्नूर जिले के पय्यावूर के स्कूल में 17 साल छात्र आयोना मॉन्सन की मौत विद्यालय के छत से गिर कर हो गई थी। वहीं, आयोना की किडनी को इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट से तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। बता दें कि यह किडनी परसाला की 27 साल की एक महिला को प्रत्यारोपित की जाएगी।
किडनी को जहाज से लाया गया
K-SOTTO के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने दी कि बीती रात तिरुवनंतपुरम के एक मरीज के लिए एक किडनी आवंटित की गई थी। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती किडनी को वक्त पर तिरुवनंतपुरम पहुंचाना था। लेकिन हेलीकॉप्टर का उपयोग करने में टेक्निकल परेशानी थी। इसके बाद इंडिगो एयरलाइंस से संपर्क किया गया। एयरलाइंस ने अंग ले जाने के लिए एक सीट दी। यह पूरी प्रक्रिया कन्नूर मेडिकल कॉलेज में ऑर्गन ट्रांसप्लांट डॉ. नमिता की देखरेख में की गई। साधारणतया प्रत्यारोपण प्रक्रिया के तहत अंगों को ले जाने के लिए नेवी के विमानों, सरकार द्वारा किराए पर लिए गए हेलीकॉप्टरों और गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है।
क्रू ने किडनी को केबिन में सुरक्षित रखने का इंतजाम किया
डॉ. नमिता ने जानकारी दी कि कन्नूर के एस्टर MIMS अस्पताल में अंग निकालने की प्रक्रिया सुबह करीब 2 बजे शुरू हुई और 5 बजे तक पूरी हो गई। आज सुबह 6 बजे तक हम एयरपोर्ट पहुंच गए थे। कन्नूर से उड़ान भरने के बाद कोच्ची में विमान को रूकने के बाद उसी विमान में आगे की यात्रा के इंतजाम किए गए। अंग ले जाने वाला कंटेनर बड़ा था, लेकिन क्रू ने उसे केबिन में सुरक्षित रखने का इंतजाम किया। जहाज सुबह करीब 10.45 बजे तिरुवनंतपुरम पहुंचा, इसके बाद अंग को एम्बुलेंस से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
गौरतलब है कि K-SOTTO के अधिकारियों ने कहा कि दूसरी किडनी को कोझिकोड के MIMS हॉस्पिटल में प्रत्यारोपित किया गया।