युद्धविराम के लिए भीख मांग रहा हिज्बुल्लाह... इजरायली रक्षा मंत्री का बड़ा दावा, भीषण हमलों के बाद सीजफायर चाहता है
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए एक युद्धविराम समझौते के बाद लेबनान में तनाव बना हुआ है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अन्य अधिकारियों ने साफ किया है कि अमेरिका-ईरान युद्धविराम में हिज्बुल्लाह शामिल नहीं है और इजरायल लेबनान में अपने सैन्य उद्देश्यों को पूरा करना जारी रखेगा। वहीं हिज्बुल्लाह ने इजरायली हमलों को युद्धविराम का उल्लंघन बताते हुए उत्तरी इजरायल पर रॉकेट दागे हैं।
हिज्बुल्लाह के लिए एक विनाशकारी झटका
इस बीच इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि भीषण हमलों के बाद हिज्बुल्लाह अब युद्धविराम के लिए भीख मांग रहा है। उन्होंने यह बयान 'ऑपरेशन इटरनल डार्कनेस' के बाद दिया, जिसे उन्होंने हिज्बुल्लाह के लिए एक विनाशकारी झटका बताया है।
हिज्बुल्लाह के 200 से अधिक लड़ाके मारे गए
दरअसल, इजरायली रक्षा मंत्री के अनुसार, हालिया भीषण हमलों में हिज्बुल्लाह के 200 से अधिक लड़ाके मारे गए हैं, जिससे इस अभियान में मारे गए कुल लड़ाकों की संख्या 1,400 से अधिक हो गई है। इजरायल ने बेरूत में किए गए हमलों में हिज्बुल्लाह के वर्तमान प्रमुख नईम कासिम के सचिव और भतीजे, अली यूसुफ हरशी को मार गिराने का भी दावा किया है।
आतंकी समूह को पूरी तरह कुचल देगा
वहीं काट्ज ने कहा कि हिज्बुल्लाह के ईरानी संरक्षक भी भारी दबाव में हैं और उन्हें डर है कि इजरायल इस आतंकी समूह को पूरी तरह कुचल देगा। इजरायली रक्षा मंत्री ने दक्षिण लेबनान में लिटानी नदी तक एक नए 'सुरक्षा क्षेत्र' की योजना साझा की है, जिसमें इजरायल-लेबनान सीमा पर स्थित गांवों को नष्ट करना शामिल है ताकि उनका उपयोग हमलों के लिए न हो सके।