युद्धविराम के बाद खुला होर्मुज! इस बात को लेकर अब भी मंडरा रहा है धमाके का खतरा, जानें क्या
नई दिल्ली। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए नई नेविगेशन सलाह जारी की है। इसमें माइंस के खतरे को देखते हुए जहाजों को वैकल्पिक रास्तों से गुजरने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब दो सप्ताह के युद्धविराम के तहत जलडमरूमध्य को अस्थायी रूप से खोलने पर सहमति बनी है। वहीं खाड़ी से बाहर निकलने वाले जहाजों को द्वीप के दक्षिण से होकर ओमान सागर की ओर बढ़ने की सलाह दी गई है, ताकि खतरनाक क्षेत्रों से बचा जा सके।
समुद्री खदानों का खतरा, नए मार्ग तय
ईरान ने जहाजों को चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के कुछ हिस्सों में माइंस का खतरा बना हुआ है। स्थानीय मीडिया अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा है कि जहाजों को संशोधित यातायात मार्गों का पालन करना होगा, ताकि समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और खदानों के संपर्क से बचा जा सके। सलाह में जहाजों के प्रवेश और निकास के लिए विशेष मार्ग तय किए गए हैं, जिससे व्यापारिक जहाजों के लिए जोखिम कम किया जा सके। अल जजीरा के हवाले से ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि आईआरजीसी नौसेना ने जहाजों से अपील की है कि वे जलडमरूमध्य से गुजरते समय उनकी नौसेना के साथ करीबी समन्वय बनाए रखें। प्रस्तावित योजना के अनुसार, ओमान सागर से आने वाले जहाजों को पहले लारक द्वीप के उत्तर से गुजरते हुए खाड़ी में प्रवेश करना होगा।
दो सप्ताह का युद्धविराम
अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम तय हुआ है, जिसमें पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, यह समझौता इस शर्त पर हुआ है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस आपूर्ति पर लगी रोक को हटाएगा। यह जलमार्ग दुनिया के कुल तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा वहन करता है। मीडिया रिपोर्ट अनुसार, एक ईरानी अधिकारी ने बताया कि लगभग छह सप्ताह से जारी संघर्ष के बाद इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को शुक्रवार तक आंशिक रूप से खोला जा सकता है। हालांकि यह ईरान की निगरानी में होगा। ईरान ने संकेत दिया है कि लंबे समय के शांति समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाया जा सकता है। यह जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित 34 किलोमीटर चौड़ा समुद्री मार्ग है।