शाहरुख खान के इस डॉयलॉग से आप इत्तेफाक रखते हैं कि एकतरफा प्यार में ताकत होती है तो इस खबर को जरूर पढ़े...
एक रिश्ते की नींव पारस्परिकता (Reciprocity) पर टिकी होती है। यदि कोशिश केवल एक तरफ से हो, तो वह रिश्ता धीरे-धीरे बोझ बनने लगता है। रिश्ते में एकतरफा कोशिश से होने वाले प्रभावों को आप इन बिंदुओं से समझ सकते हैं।
मानसिक और भावनात्मक थकान: जब आप अकेले ही रिश्ते को बचाने या चलाने की कोशिश करते हैं, तो आप मानसिक रूप से थक जाते हैं। यह स्थिति व्यक्ति को चिड़चिड़ा और उदास बना सकती है।
आत्म-सम्मान (Self-Respect) की कमी: बार-बार झुकने या अकेले प्रयास करने से धीरे-धीरे व्यक्ति का अपना स्वाभिमान कम होने लगता है। उसे महसूस होने लगता है कि उसकी भावनाओं का कोई मूल्य नहीं है।
दूरी बढ़ना: प्यार और सम्मान दोनों तरफ से होना चाहिए। यदि दूसरा व्यक्ति उदासीन है, तो आपकी कोशिशें उसे "दम घुटने" जैसी लग सकती हैं या वह आपकी अहमियत समझना बंद कर देता है।
असंतुलन: एक स्वस्थ रिश्ता एक टीम की तरह होता है। यदि एक सदस्य चलना बंद कर दे, तो दूसरा उसे कितनी दूर तक खींच पाएगा?
अंततः वह व्यक्ति थककर हार मान ही लेता है।
क्या करें?
संवाद (Communication): अपने पार्टनर से खुलकर बात करें कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं। उन्हें बताएं कि आपको भी उनके सहयोग और प्रयासों की जरूरत है।
सीमाएं तय करें (Set Boundaries): यह पहचानना जरूरी है कि आपकी कोशिशें कहां खत्म होनी चाहिए। यदि आपकी ईमानदारी और प्यार को कमजोरी समझा जा रहा है, तो रुकना बेहतर है।
स्वयं पर ध्यान दें: अपनी खुशी के लिए केवल दूसरे पर निर्भर न रहें। अपने करियर, शौक और व्यक्तित्व पर ध्यान दें।