वेनेजुएला पर भारत ने अपना रुख किया साफ! मादुरो को लेकर ये बोले एस जयशंकर
नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने लक्जमबर्ग में वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रमों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और उसके बाद उत्पन्न संकट के बीच सभी पक्षों से वेनेजुएला के लोगों की भलाई एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया। एस जयशंकर ने यह बयान लक्जमबर्ग में अपने दौरे के दौरान दिया, जहां उन्होंने उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की है। भारत ने पहले भी वेनेजुएला को लेकर आधिकारिक बयान में कहा था कि वह स्थिति पर नजर रखे हुए है और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।
क्या बोले जयशंकर?
जयशंकर ने कहा कि भारत हाल के घटनाक्रम को लेकर चिंतित है। हम सभी संबंधित पक्षों से आह्वान करते हैं कि वो बैठकर ऐसी स्थिति बनाएं जो वेनेजुएला के लोगों के कल्याण और सुरक्षा के हित में हो। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वेनेजुएला के साथ भारत के लंबे समय से घनिष्ठ संबंध रहे हैं और भारत चाहता है कि वहां के लोग इस संकट से जल्द बाहर निकलें और अच्छा प्रदर्शन करें। वहीं उन्होंने आगे कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से महीनों से जमीनी हमले की धमकियों के बाद हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने निकोलस मादुरो पर ड्रग कार्टेल और नार्को-टेररिज्म चलाने का आरोप लगाया है। मदुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका की बदनाम ब्रुकलिन जेल में रखा गया है।
दुनिया का यही स्वभाव
उन्होंने कहा कि आज के समय में देश वही करेंगे जिससे उन्हें सीधा फायदा होगा। वो आपको मुफ्त सलाह देंगे। अगर कुछ होता है, तो वो कहेंगे, कृपया ऐसा ना करें। अगर तनाव होता है तो हमें चिंता होती है। कभी-कभी आप लोगों को यह कहते हुए सुनते हैं, जैसा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ था। अब, अगर आप उनसे पूछें, सच में, आपको चिंता है, तो आप अपने ही इलाके को क्यों नहीं देखते और खुद से पूछते कि वहां हिंसा का स्तर क्या है? लेकिन दुनिया का यही स्वभाव है। लोग जो कहते हैं, वह करते नहीं हैं। हमें इसे इसी भावना से स्वीकार करना होगा।