आंखों का फड़कना शुभ है या अशुभ! जानें क्या कहता है ज्योतिष और वैज्ञानिक दृष्टिकोण
नई दिल्ली। शरीर के कुछ अंगों का फड़कना बहुत शुभ और लाभकारी माना जाता है। जबकि कुछ अंगों का फड़कना बहुत अशुभ और नुकसान होने का संकेत देता है।
ऐसे में सवाल उठता है कि आंखों का फड़कना शुभ होता है या अशुभ।
ज्योतिष और शकुन शास्त्र के अनुसार
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, आंखों के फड़कने का फल व्यक्ति के लिंग (पुरुष या महिला) पर निर्भर करता है।
पुरुषों के लिए
दाईं आंख (Right Eye): इसे अत्यंत शुभ माना जाता है। यह धन लाभ, पदोन्नति या किसी बड़ी सफलता का संकेत हो सकता है।
बाईं आंख (Left Eye): इसे अशुभ माना जाता है और यह किसी पुराने विवाद या परेशानी का संकेत हो सकती है।
महिलाओं के लिए
बाईं आंख (Left Eye): महिलाओं के लिए बाईं आंख का फड़कना शुभ माना जाता है। यह खुशखबरी या किसी सुखद घटना का प्रतीक हो सकता है।
दाईं आंख (Right Eye): इसे अशुभ माना जाता है और यह भविष्य में होने वाली किसी कठिनाई या चिंता की ओर इशारा करता है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण
विज्ञान इन मान्यताओं को केवल अंधविश्वास मानता है। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, आंखों या पलकों के फड़कने के मुख्य कारण ये हैं।
थकान और तनाव
पर्याप्त नींद न लेना या बहुत अधिक मानसिक तनाव फड़कन का सबसे बड़ा कारण है।
कैफीन और शराब
चाय, कॉफी या कोल्ड ड्रिंक का अधिक सेवन नसों में उत्तेजना पैदा करता है।
पोषक तत्वों की कमी
शरीर में मैग्नीशियम या विटामिन बी12 की कमी से भी मांसपेशियां फड़क सकती हैं।
स्क्रीन टाइम
मोबाइल या लैपटॉप का बहुत ज्यादा इस्तेमाल आंखों की मांसपेशियों को थका देता है।