मैथिली ठाकुर तो क्रांतिकारी निकली! अपनी ही सरकार को दिखाया आईना, बताया-धरातल की ये सच्चाई
पटना। बिहार विधानसभा के 2026 के बजट सत्र में एक दिलचस्प नजारा देखने को मिल रहा है, जहां पहली बार चुनकर आईं महिला विधायक अपनी ही सरकार को जनहित के मुद्दों पर कड़ी चुनौती दे रही हैं। दरअसल, मैथिली ठाकुर और कोमल सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। वहीं सत्र के दौरान सबसे अधिक चर्चा मैथिली ठाकुर (बीजेपी, अलीनगर) और कोमल सिंह (जेडीयू) की हो रही है।
मैथिली ठाकुर ने लगाया आरोप
सदन की सबसे युवा विधायक मैथिली ठाकुर ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के लिखित जवाब को यह कहते हुए सिरे से खारिज कर दिया कि "मैं इस जवाब से बिल्कुल संतुष्ट नहीं हूं।" उन्होंने अपने क्षेत्र के अलीनगर अस्पताल की जर्जर स्थिति का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकारी रिकॉर्ड में जो दिखाया जा रहा है, धरातल पर सच्चाई उसके विपरीत है।
कोमल सिंह ने सरकार के मंत्रियों से तीखे सवाल पूछे
जेडीयू की नई विधायक कोमल सिंह ने भी कड़े तेवर दिखाते हुए विकास कार्यों और स्थानीय समस्याओं पर अपनी ही सरकार के मंत्रियों से तीखे सवाल पूछे हैं।
सरकार को घेरने के मुख्य कारण
अस्पतालों की बदहाली नए विधायकों ने स्वास्थ्य सुविधाओं की खराब हालत और अस्पतालों के अनुपयोगी भवनों पर विभाग को कटघरे में खड़ा किया। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर विपक्षी दल (आरजेडी और कांग्रेस) के साथ-साथ सत्ता पक्ष की महिला सदस्यों के तेवरों ने भी सरकार पर दबाव बनाया है। वहीं विधायकों का आरोप है कि अधिकारी सदन में गलत जानकारी पेश कर रहे हैं, जिससे जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।