यूं ही नहीं आइटम क्वीन बन गईं मलाइका अरोड़ा, जानें कैसे तय किया फर्श से अर्श तक का सफर...
मुंबई। मलाइका अरोड़ा आज किसी पहचान की मोहताज नहीं है। फर्श से अर्श तक का ये सफर कड़ी मेहनत और खुद को एक 'ब्रांड' के रूप में स्थापित करने की कहानी है। आज भले ही उन्हें 'आइटम क्वीन' कहा जाता है, लेकिन उनके करियर की शुरुआत इतनी आसान नहीं थी।
मलाइका का जन्म मुंबई के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था और 11 साल की उम्र में उनके माता-पिता अलग हो गए थे। उन्होंने अपना करियर 90 के दशक में MTV इंडिया के साथ बतौर वीडियो जॉकी (VJ) शुरू किया, जहाँ उन्होंने 'लव लाइन' और 'स्टाइल चेक' जैसे शोज होस्ट किए। वह आज एक आइटम सॉन्ग के लिए कथित तौर पर ₹1 से ₹2 करोड़ तक चार्ज करती हैं, जो उनकी स्टार वैल्यू को दर्शाता है।
VJ-इंग के बाद उन्होंने मॉडलिंग में कदम रखा और कई विज्ञापनों में काम किया। उन्हें पहली बड़ी पहचान बैली सग्गू के म्यूजिक वीडियो "गुड़ नालो इश्क मीठा" से मिली। मलाइका ने कभी भी फिल्मों में मुख्य अभिनेत्री बनने की चाह नहीं रखी, बल्कि अपने डांस कौशल से अपनी पहचान बनाई। छैया छैया (दिल से, 1998): ट्रेन की छत पर शाहरुख खान के साथ उनके डांस ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। इस गाने ने बॉलीवुड में 'आइटम नंबर्स' के ट्रेंड को फिर से परिभाषित किया और इसे आज भी उनके सबसे बड़े हिट्स में गिना जाता है।
'अनारकली डिस्को चली', 'होठ रसीले', 'माही वे', और हाल ही में 'आप जैसा कोई' जैसे गानों से उन्होंने अपनी बादशाहत कायम रखी है। आज मलाइका केवल एक डांसर नहीं, बल्कि एक सफल बिजनेसवुमन और फिटनेस आइकन भी हैं। उन्होंने 'द लेबल लाइफ' जैसा लाइफस्टाइल ब्रांड और 'सर्वा योग' जैसे फिटनेस वेंचर्स शुरू किए हैं।