नोएडा: इंजीनियर की मौत के मामले में एक्शन! पुलिस ने किया बिल्डर अभय कुमार को अरेस्ट

करीब तीन घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद आखिरकार युवराज की कार को गोताखोरों ने ढूंढ निकाला। अब कार को निकालने की तैयारी की जा रही है।

Update: 2026-01-20 11:04 GMT

नोएडा। नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। ग्रेटर नोएडा की नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने मुकदमे में नामजद बिल्डर अभय कुमार सिंह को आज यानी मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, अभय कुमार सिंह एमजेड विसटाउन का मालिक है। दरअसल इस मामले में युवराज के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर नॉलेज पार्क थाने में FIR दर्ज की गई थी। बता दें कि यह FIR अभय कुमार सिंह के साथ ही एक अन्य बिल्डर के खिलाफ दर्ज की गई थी। इसके अलावा नोएडा अथॉरिटी के जेई को सस्पेंड कर दिया गया था।

तीन सदस्यीय विशेष टीम का हुआ गठन

वहीं सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले की जांच के लिए गठित की गयी तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम ने आज यानी मंगलवार से अपनी जांच शुरू कर दी। एसआईटी की टीम ने नोएडा सेक्टर 6 में घटना के बारे में जानकारी दी। एसआईटी टीम एडीजी भानु भास्कर ने कहा कि सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। परिवार के साथ हमारी संवेदना है।

युवराज की कार फंसी

आज यानी मंगलवार NDRF और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। चूंकि घटना वाले दिन केवल युवराज का शव बरामद हुआ था, जबकि कार को निकाला नहीं जा सका था। आज नाव का बंदोबस्त कर रेस्क्यू टीम के सदस्य पानी में उतरे। करीब तीन घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद आखिरकार युवराज की कार को गोताखोरों ने ढूंढ निकाला। अब कार को निकालने की तैयारी की जा रही है। कार दो बेसमेंट के बीच में फंस गई है।

सीएम योगी ने जांच रिपोर्ट की तलब की है

सीएम योगी ने इस घटना की जांच रिपोर्ट पांच दिन के अंदर तलब की है। इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री ने एक तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम का गठन किया है। दरअसल उत्तर प्रदेश शासन ने बीते कल में नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम को उनके पद से हटाकर उन्हें प्रतीक्षारत कर दिया था। जानकारी के अनुसार, नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर अब तक किसी की नियुक्ति नहीं हुई है।

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