अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एनसीआरटीसी ने नमो भारत स्टेशनों पर आयोजित किया स्वास्थ्य जागरूकता अभियान

Update: 2026-03-08 15:51 GMT

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एनसीआरटीसी ने 7 और 8 मार्च को आनंद विहार और बेगमपुल नमो भारत स्टेशनों पर दो दिवसीय महिला स्वास्थ्य जागरूकता अभियान आयोजित किया। इस पहल के अंतर्गत नमो भारत ट्रेनों के महिला कोच के भीतर भी जागरूकता से जुड़ी विशेष गतिविधियां आयोजित की गईं।

ट्रेनों के भीतर इंटरैक्टिव सत्र आयोजित

इस जागरूकता अभियान को दिल्ली-गाजियाबाद मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के ऑपरेशन्स और मेंटेनेंस पार्टनर-डीबी आरआरटीएस इंडिया- तथा महिलाओं के मासिक धर्म से जुड़े स्वच्छता एवं स्वास्थ्य पर कार्य करने वाले संगठन-एवरटीन-के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य महिला यात्रियों को मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक करना एवं इस मुद्दे पर संवाद स्थापित करना था। इस दौरान, स्टेशनों और ट्रेनों के भीतर इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए गए, जिनमें मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और इस विषय पर खुलकर बातचीत को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।

महिलाओं को हाइजीन किट भी वितरित की गईं

इस पहल के तहत महिला यात्रियों को निःशुल्क आवश्यक हाइजीन किट भी वितरित की गईं। इन किट्स में सैनिटरी पैड, पीरियड ट्रैकर और एक पीरियड डायरी शामिल थी। यह डायरी महिलाओं को उनके पीरियड साइकिल के विभिन्न फेज़ को समझने और ट्रैक करने में मदद करती है, ताकि वे अपने स्वास्थ्य को अच्छी तरह समझ सकें और अपना बेहतर ख़्याल रख सकें। इसके साथ ही इन फेज़ को सरल और सहज रूप से समझाने के लिए जानकारी भी साझा की गई।

मासिक धर्म के प्रति बढ़ाया जागरूकता

मासिक धर्म यानी पीरियड एक प्राकृतिक और आवश्यक प्रक्रिया है और यह इस बात का संकेतक है कि एक महिला स्वस्थ है। हालांकि सामाजिक वर्जनाएं और झिझक अक्सर इस विषय पर खुलकर बातचीत करने के प्रति संकोच पैदा कर देती हैं। इस तरह की पहल, मासिक धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने, इससे जुड़े मुद्दों को सामान्य बनाने और महिलाओं को अपनी चिंताओं पर खुलकर बात करने तथा आवश्यक मार्गदर्शन लेने के लिए प्रेरित करती हैं।

ट्रेनों पर कई महिला वॉलेंटियर मौजूद

महिला यात्रियों ने इस पहल का खुलकर स्वागत किया। उन्होंने न सिर्फ इसमें सक्रिय रूप से भाग लिया बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर मासिक धर्म स्वास्थ्य जैसे विषयों पर बातचीत शुरू करने के प्रयास के लिए सराहना की। स्टेशनों और ट्रेनों पर कई महिला वॉलेंटियर मौजूद थीं, जिन्होंने यात्रियों का मार्गदर्शन किया, उन्हें किट वितरित की तथा और मासिक धर्म स्वच्छता एवं स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर महिला यात्रियों से बातचीत की।

महिला यात्रियों के साथ किया विशेष संवाद

महिला दिवस के इस अवसर पर एनसीआरटीसी ने नमो भारत ट्रेनों के भीतर महिला यात्रियों के साथ विशेष संवाद भी किया। महिला कोच में एक रोचक और इंटरैक्टिव क्विज़ का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से यात्रियों को ट्रेनों में महिलाओं के लिए उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। महिला यात्रियों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया, अपने अनुभव साझा किए और ट्रेनों में उपलब्ध सुविधाओं तथा आरामदायक व्यवस्था के लिए एनसीआरटीसी की सराहना की। इस अवसर पर उन्हें चॉकलेट भी भेंट की गईं, जिससे उत्सव का माहौल और भी खुशनुमा बन गया।

पिक-अप और ड्रॉप क्षेत्र भी बनाए गए

एनसीआरटीसी ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई विशेष प्रावधान किए हैं जिससे महिलाएं यात्रा करते समय सुरक्षित महसूस करें। नमो भारत ट्रेनों में एक कोच महिलाओं के लिए आरक्षित है और अन्य कोचों में भी महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों के लिए सीटें आरक्षित हैं। स्टेशन परिसर एवं उनके आसपास सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जाती है तथा प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की तैनाती भी की गई है। यात्रियों के लिए यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए स्टेशनों पर बेहतर रोशनी वाले समर्पित पिक-अप और ड्रॉप क्षेत्र भी बनाए गए हैं।

सुरक्षित एवं विश्वसनीय यात्रा का लाभ उठा सकें

दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ को जोड़ने वाला भारत का प्रथम नमो भारत कॉरिडोर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के परिवहन परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है। इसने यात्रा करने के तरीके को पूरी तरह परिवर्तित कर दिया है तथा सुरक्षित, आरामदायक और विश्वसनीय परिवहन के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं। इसका सकारात्मक प्रभाव समाज के हर वर्ग पर पड़ा है, लेकिन क्षेत्र की महिलाओं के लिए यह स्वतंत्रता, आत्मनिर्भरता और परिवर्तन का वाहन बनकर उभरा है। एनसीआरटीसी ऐसी पहलों के माध्यम से एक समावेशी और संवेदनशील सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को बढ़ावा दे रहा है, जहां स्वास्थ्य, गरिमा और जागरूकता से जुड़े मुद्दों पर खुलकर संवाद हो और महिलाएं पूरे आत्मविश्वास के साथ सुरक्षित एवं विश्वसनीय यात्रा का लाभ उठा सकें।

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