पीएम मोदी इजराइल के लिए रवाना! इजरायली संसद को संबोधित करने वाला पहला भारतीय पीएम, क्या है यात्रा के मायने?
पीएम मोदी इजराइली संसद, नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजराइल की दो दिवसीय राजकीय यात्रा के लिए रवाना हो गए हैं। अपने प्रस्थान वक्तव्य में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह यात्रा भारत-इज़राइल रणनीतिक साझेदारी के लिए नए लक्ष्य निर्धारित करेगी और दोनों देशों के बीच स्थायी संबंधों को और मजबूत करेगी।
पीएम मोदी ने किया पोस्ट
पीएम मोदी ने यात्रा में रवाना होते हुए एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि- मैं आज और कल इज़राइल की राजकीय यात्रा पर रहूंगा। हमारे देशों के बीच एक मजबूत और बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी है। पिछले कुछ वर्षों में संबंध काफी मजबूत हुए हैं। मैं प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बातचीत करूंगा, जिसमें हम विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। मैं इज़राइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग से भी मुलाकात करूंगा।
आज शाम मैं इजराइली संसद, नेसेट को संबोधित करूंगा। यह हमारे बीच के मजबूत संसदीय और लोकतांत्रिक संबंधों को श्रद्धांजलि है। मैं भारतीय प्रवासी भारतीयों से भी बातचीत करूंगा, जिन्होंने भारत-इज़राइल मित्रता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
यात्रा की मुख्य विशेषताएं और एजेंडा
बता दें कि वह इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ व्यापक चर्चा करेंगे, जिसमें रक्षा, सुरक्षा, नवाचार, और व्यापार जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस दौरे के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, कृषि, जल प्रबंधन और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री होलोकॉस्ट मेमोरियल, याद वाशेम का दौरा करेंगे और इज़राइली राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग से भी मुलाकात करेंगे। वह इजराइल में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के साथ भी बातचीत करेंगे।
रणनीतिक महत्व
यह प्रधानमंत्री मोदी की इज़राइल की दूसरी यात्रा है (पहली 2017 में हुई थी)। इजराइली पीएम नेतन्याहू ने इस यात्रा को "ऐतिहासिक" बताया है और भारत को एक "वैश्विक शक्ति" के रूप में मान्यता देते हुए मध्य पूर्व में गठबंधन के एक नए "हेक्सागन" का हिस्सा बनने का प्रस्ताव दिया है।